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फिर शुरू हो केसीसी का ऑक्सीजन गैस प्लांट

झुंझुनू, 25 अप्रैल(हि.स.)। जिले के खेतड़ीनगर में स्थापित हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के ताम्र संयत्र खेतड़ी कापर कॉम्पलेक्स (केसीसी) में शटडाउन के नाम पर 2008 में रिफाइनरी, स्मेल्टर व एसीड प्लांट को बंद कर दिया गया था। उसी दौरान स्मेल्टर व रिफाइनरी प्लांट को ऊर्जा देने वाली भगवती गैस प्लांट को भी बंद कर दिया था। भगवती गैस प्लांट में प्रतिदिन हजारों क्यूबीक मीटर ऑक्सीजन का उत्पादन किया जाता था। कोरोना महामारी में सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता है। लेकिन केसीसी प्रोजेक्ट के प्लांट को ऑक्सीजन देने वाला प्लांट आज जर्जर हालत में पड़ा है। अगर भगवती गैस प्लांट चालू होता तो आज जिले में ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकती थी। जानकारी के अनुसार स्मेल्टर व रिफाइन प्लांट में तांबे को गलाने के लिए केसीसी प्रोजेक्ट से भगवती गैस प्लांट ने 1988 में अनुबंधित कर ऑक्सीजन प्लांट लगाया था। केसीसी के स्मेल्टर व रिफाइनरी प्लांट में तांबे को गलाने के लिए ऑक्सीजन से हीटिंग का कार्य किया जाता था। केसीसी प्रोजेक्ट के रिफाइनरी व स्मेल्टर प्लांट को चलाने के लिए भगवती गैस प्लांट से ऑक्सीजन ली जाती थी। उसके बाद बची हुई ऑक्सीजन को दिल्ली, बहरोड़, बल्लभगढ़, जयपुर आदि जगह टैंकरों के माध्यम से सप्लाई की जाती थी। लेकिन 2008 में स्मेल्टर, रिफाइनरी व एसीड प्लांटों को शटडाउन के नाम पर बंद कर दिया था। उसी के साथ भगवती ऑक्सीजन प्लंट को बंद कर दिया गया। केसीसी प्रोजेक्ट की मान्यता प्राप्त केटीएसएस यूनियन महामंत्री बिड़दूराम सैनी व केसीएसएफ (निफ्टू) के प्रदेशाध्यक्ष हसरत हुसैन ने बताया कि 2013 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेतड़ी विधान सभा चुनाव प्रचार में आये थे तब उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सरकार ने प्लांटों को नहीं चलाया। भाजपा सरकार आने पर बंद प्लांटों को चलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन उनकी बात पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है। भगवती ऑक्सीजन प्लांट में तीन कंपनियों ने प्लांट लगाए थे। जापानी कंपनी द्धारा लगाये गये प्लांट में 1500 क्यूबिक मीटर, फ्रांस की कंपनी ने तीन हजार क्यूबिक मीटर व चीन की कंपनी ने आठ सौ क्यूबिक मीटर प्रति घंटा ऑक्सीजन का उत्पादन करते थे। करीब बीस घंटे ऑक्सीजन का उत्पादन किया जाता था। भगवती गैस प्लांट से लेकर केसीसी प्रोजेक्ट के स्मेल्टर व रिफाइनरी प्लांट तक पाइप लाइन से ऑक्सीजन पहुंचाई जाती थी। कोरोना महामारी में केंद्र, राज्य सरकार व केसीसी मैनजमेंट मिलकर ऑक्सीजन प्लांट को फिर से चालू करे तो कोरोना महामारी में एक वरदान साबित होगा। ऑक्सीजन प्लांट को चालू करने के लिए सरकारों को प्लेट फॉर्म व बिल्डिंग बनाने की भी आवश्यकता नहीं है। सिर्फ मशीनें ही लगानी पड़ेगी। ऑक्सीजन गैस प्लांट से जहां लोगों की जान बचाई जाएंगी। वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा साथ ही अस्पतालों में भी ऑक्सीजन सिलेंडरों की कमी नहीं रहेंगी। हिन्दुस्थान समाचार / रमेश सर्राफ/ ईश्वर

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