नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता, साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है। इसे मनसा देवी की अष्टांग पूजा के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें आठ प्रकार के नागों के साथ नाग देवी मनसा देवी की भी पूजा की जाती है। माना जाता है कि नाग पंचमी के दिन सर्पों की मूर्तियों या चित्रों को अर्पित सामग्री सीधे नाग देवता तक पहुंचती है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस पर्व की विधिपूर्वक पूजा करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है। आइए जानें कि इस वर्ष नाग पंचमी कब है और इसका शुभ मुहूर्त क्या होगा।
नाग पंचमी कब है?
हिन्दू पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि 28 जुलाई को रात 11:24 बजे शुरू होकर 30 जुलाई की सुबह 12:46 बजे तक रहेगी। इसके अनुसार, इस वर्ष नाग पंचमी 29 जुलाई, मंगलवार को मनाई जाएगी।
नाग पंचमी चौघड़िया पूजा मुहूर्त
इस दिन पहला चौघड़िया मुहूर्त सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त दोपहर 12:27 बजे से 2:09 बजे तक होगा, जबकि तीसरा चौघड़िया मुहूर्त दोपहर 3:51 बजे से शाम 5:32 बजे तक चलेगा। इन सभी समयावधियों में आप विधिपूर्वक भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं।
नाग पंचमी का महत्व
नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। इसके लिए शिवलिंग पर जलाभिषेक करना अत्यंत लाभकारी होता है, जिससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। आप इस दिन “ओम् भ्रां भ्रीं, भ्रौं सः राहवे नमः” और “ओम् स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः” मंत्रों का 108 बार जप भी कर सकते हैं, जो कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक होता है। साथ ही, नाग पंचमी के दिन माथे पर तिलक लगाना भी शुभ माना जाता है, यह उपाय पितृ दोष से मुक्ति दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।
डिस्क्लेमर : यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण पुष्टि नहीं करते हैं।




