back to top
27.4 C
New Delhi
Sunday, April 5, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बिहार में बढ़ाया गया आरक्षण हुआ खारिज, तो तमिलनाडु में 35 साल से कैसे मिल रहा 69 फीसदी आरक्षण?

आज पटना हाईकोर्ट ने बिहार में बढ़ाकर 65 फीसदी किए गए आरक्षण को रद्द कर दिया। वहीं तमिलनाडु में 35 साल से 69 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क।  पटना हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार के द्वारा एससी, एसटी, ओबीसी और ईबीसी को दिये गए 65 फीसदी आरक्षण को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि बिहार में जातिगत जनगणना कराने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस 50 फीसदी के आरक्षण को बढ़ाकर 65 फीसदी कर दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लगाए गए 50 फीसदी की लिमिट को आधारा बनाकर पटना हाईकोर्ट ने इस आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया।

इसी तरीके से अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र और कर्नाटक में दिए गए आरक्षण को कोर्ट ने रद्द कर दिया। अब सवाल ये उठता है कि जब बिहार, महाराष्ट्र के आरक्षण को कोर्ट के द्वारा रद्द कर दिया गया तो तमिलनाडु में पिछले 35 सालों से 69 फीसदी आरक्षण कैसे दिया जा रहा?

तमिलनाडु को कैसे मिल रहा 69 फीसदी आरक्षण

साल 1992 में इंदिरा साहनी केस में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जातिगत आरक्षण की लिमिट 50 फीसदी तय की थी। तो तमिलनाडु में पिछले 35 सालों से 69 फीसदी आरक्षण कैसे दिया जा रहा है और इसको क्यों कभी अदालत में चैलेंज नहीं किया जा सका?

पहले समझते हैं कि क्या है इंदिरा साहनी केस

इंदिरा साहनी ने आरक्षण को लेकर सरकार को चुनौती दी थी। इस मामले में 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया। जिसमें कहा गया कि जातिगत आरक्षण 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता। जिसके आधार पर अन्य राज्यों में 50 फीसदी से ज्यादा के जातिगत आरक्षण को कोर्ट ने रद्द कर दिया। 

ये है तमिलनाडु की 69 फीसदी आरक्षण की कहानी

इस कहानी की शुरुआत तमिलनाडु मुख्यमंत्री अन्नादुरई की मौत के बाद शुरू होती है। अन्नादुरई की मौत 1969 में हो गई। जिसके बाद करुणानिधि तमिलनाडु की गद्दी पर बैठे। साल 1971 तक तमिलनाडु में 41 फीसदी ही आरक्षण था। जिसके बाद करुणानिधि ने सत्तानाथन आयोग बनाया। इसे तमिलनाडु का पहला पिछड़ा वर्ग आयोग कहा जाता है। इस आयोग में ओबीसी के बीच क्रीमी लेयर लागू करने की सिफारिश की गई थी। इस आयोग की सिफारिश पर करुणानिधि ने 25 फीसदी ओबीसी आरक्षण को बढ़ाकर 31 फीसदी कर दिया।

1980 में AIDMK की सरकार ने 50% किया OBC का आरक्षण

इसके अलावा उन्होंने SC-ST के आरक्षण को 16 से बढ़ाकर 18% कर दिया। इस तरह राज्य में कुल जातिगत आरक्षण 49 फीसदी हो गया। इसके बाद 1980 में आई AIDMK की सरकार ने इस पिछड़ा वर्ग का आरक्षण बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया। इसके बाद 1989 में करुणानिधि की सरकार आ गई। करुणानिधि ने उन्होंने 20 फीसदी आरक्षण अतिपिछड़ा वर्ग के लिए दे दिया। इसके बाद 1990 में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद एससी आरक्षण 18 फीसदी के अलावा 1फीसदी कोटा अलग से एसटी के लिए दे दिया। जिसके बाद राज्य का आरक्षण 69 फीसदी हो गया। जिसे मद्रास हाईकोर्ट में चैलेंज किया गया।

जयललिता की वजह से मिला 69% आरक्षण

उस समय जयललिता मद्रास की मुख्यमंत्री बन गई थी। मद्रास हाईकोर्ट ने इस आरक्षण को लेकर सुनवाई करते हुए कहा कि आप 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दे सकते। इस झटके के बाद जयललिता ने 1993 में विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया और इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। उस समय केंद्र में नरसिम्हा राव की सरकार थी। जयललिता ने आरक्षण के इस प्रस्ताव को संविधान के 9वीं अनुसूची में डाल दिया। गौरतलब है कि 9वीं अनुसूची में शामिल विषयों की अदालत में समीक्षा नहीं की जा सकती। इस वजह से आजतक तमिलनाडु में 69 फीसदी आरक्षण निर्बाध रूप से चला आ रहा है।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

कैश नहीं, कूपन से मिलेगा फायदा: Tamil Nadu में M. K. Stalin का बड़ा ऐलान, महिलाओं को ₹8,000 में खरीदें अपनी पसंद का सामान

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। Tamil Nadu में चुनावी माहौल के बीच सत्ताधारी Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) ने महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री...
spot_img

Latest Stories

RCB vs CSK Live Streaming: कब, कहां और कैसे देखें हाई-वोल्टेज मुकाबला, यहां जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के दिन के डबल हेडर...

SRH vs LSG: हेड-टू-हेड में किसका दबदबा? आंकड़े देखकर हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में...

Company Secretary क्या होता है? जानें कैसे बनाएं इस फील्ड में करियर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यह बात स्वभाविक है कि आज...

Kolkata Port सीट पर कड़ा मुकाबला: TMC, BJP, कांग्रेस और वाम के बीच चौतरफा लड़ाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कोलकाता...

रविवार का व्रत क्यों होता हैं खास, जानिए महत्त्व और व्रत विधि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। रविवार का दिन सूर्य देव...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵