back to top
25.1 C
New Delhi
Thursday, March 19, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

रतन टाटा की 10,000 करोड़ रुपए की वसीयत का खुलासा, पालतू डॉग TITO, कुक और शांतनु नायडू का भी नाम शामिल

रतन टाटा अपने बाद 10,000 करोड़ रुपए की वसीयत छोड़ गए हैं। उन्होंने अपने पालतू डॉग TITO की आजीवन देखभाल के लिए भी वसीयत छोड़ी है। रतन टाटा की वसीयत में कुक से लेकर उनके सहायक शांतनु नायडू का भी नाम है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। रतन टाटा के निधन के बाद से उनकी संपत्ति और वसीयत को लेकर खूब चर्चा होनी शुरू हो गयी थी। अधिकतर लोगों के मन में यही सवाल था कि अब रतन टाटा की संपति का मालिक कौन होगा? मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब रतन टाटा की वसीयत का खुलासा हो चुका है। रतन टाटा के पास कुल मिलाकर अनुमानित संपत्ति 10,000 करोड़ रुपये की थी।

संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा RTEF को जाएगा

रतन टाटा ने अपनी वसीयत को लागू करवाने की जिम्मेदारी अपनी सौतेली बहनों शिरीन और डायना जेजीभॉय, वकील दारायस खंबाटा और अपने करीबी दोस्त मेहली मिस्त्री को दी हुई थी। जो अब इस वसीयत पर काम करेंगे। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, रतन टाटा की वसीयत की सभी बातें सार्वजनिक नही हो पाई हैं, लेकिन उनकी संपति का एक बड़ा हिस्सा चैरिटी रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन (RTEF) को जाएगा। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन का नेतृत्व करेंगे।

इन लोगों ने रतन टाटा की काफी लंबे समय से सेवा की है

मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, रतन टाटा ने अपनी वसीयत में अपने भाई जिमी टाटा और सौतेली बहनों शिरीन और डीनना जेजीभॉय समेत परिवार के अन्य करीबी सदस्यों के लिए प्रावधान किए हुए हैं। रतन टाटा के वफादार घरेलू कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं, जिसमे रतन टाटा के रसोइए राजन शॉ और बटलर सुब्बियाह का नाम भी शामिल है। इन लोगों ने रतन टाटा की काफी लंबे समय से सेवा की है।

शांतनु नायडू रतन टाटा के बहुत ही करीबी थे

रतन टाटा के युवा मित्र और कार्यकारी सहायक शांतनु नायडू को भी वसीयत का हिस्सा बनाया गया है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, शांतनु नायडू के पर्सनल लोन को भी माफ कर दिया गया है, जो उन्होंने अपनी शिक्षा के लिए लिया था। इसके साथ ही शांतनु नायडू के सभी कारोबार गुडफेलो में टाटा ने अपनी हिस्सेदारी छोड़ दी है। रतन टाटा की वसीयत से यह तो साफ हो गया है कि शांतनु नायडू रतन टाटा के बहुत ही करीबी थे।    

रतन टाटा ने वसीयत में अपने पालतू जर्मन शेफर्ड टीटो की आजीवन देखभाल की जिम्मेदारी राजन शॉ को सौपी है। बता दें कि रतन टाटा ने जर्मन शेफर्ड टीटो को 6 साल पहले गोद लिया था।

Advertisementspot_img

Also Read:

Birthday Special: सादगी, सोच और सफलता की मिसाल रतन टाटा, जानिए अधूरी मोहब्बत से बिजनेस आइकन बनने तक की कहानी

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आज 28 दिसंबर को देश के सबसे सम्मानित उद्योगपतियों में शामिल रतन टाटा का जन्मदिन है। भले ही वह अब हमारे...
spot_img

Latest Stories

…तो एक बार फिर RCB के नाम होने जा रहा है IPL 2026 का खिताब? दिग्गज खिलाड़ी ने कर दी भविष्यवाणी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टी20 विश्व कप में विश्वविजेता बनने...

Anant Singh Bail: दुलारचंद हत्याकांड में जेल में बंद अनंत सिंह आएंगे बाहर, पटना HC ने जमानत दी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक...

Gold-Silver Rate: रिकॉर्ड हाई से औंधे मुंह गिरा सोने का भाव, चांदी भी जमकर टूटी, जानिए क्या है ताजा रेट

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने...

केदारनाथ दर्शन के लिए जा सकेंगी Sara Ali Khan? मंदिर प्रबंधन ने कहा- ये मामला अलग है

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हर साल चारधाम यात्रा में...

Chaitra Navratri 2026: मां दुर्गा के चमत्कार पर बनी ये फिल्में, नवरात्रि में जरूर देखें

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज नवरात्रि का पहला दिन...

रोज ट्रैवल के दौरान कैसे रखें स्किन का ध्यान? अपनाएं ये ट्रिक

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। ऑफिस के दौरान महिलाओं को...