नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । सावन माह की शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। आज भक्तगण शिव मंदिरों में उमड़ पड़ते हैं और भगवान शंकर का जलाभिषेक कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। खास तौर पर सावन में कांवड़ जल चढ़ाना अधिक उत्तम माना गया है। कांवड़िए इस अवसर पर गंगाजल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। यदि आप भी आज सावन शिवरात्रि पर शिव पूजन की तैयारी कर रहे हैं, तो जानिए की भोलेनाथ को प्रसन्न कैसे करें।
ज्योतिषीय दृष्टि से सावन शिवरात्रि का पूरा दिन भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। आज भक्त किसी भी समय श्रद्धा से जलाभिषेक कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि इन चारों प्रहरों में शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल आदि समर्पित किए जाएं, तो महादेव अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।
इस प्रकार करें महादेव को प्रसन्न
महादेव को प्रसन्न करने के लिए आज सावन की शिवरात्रि के दिन आपको बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। आज के दिन आप महादेव को खोवें के लड्डू अवश्य चढ़ाएं। इसके साथ ही महादेव को भस्म चढ़ाना न भूले भस्म से महादेव जल्दी प्रसन्न होते हैं।और आपको मनचाहा वरदान भी प्रदान करते हैं।
सावन शिवरात्रि का विशेष प्रहर
सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से चार प्रहरों में की जाती है। प्रत्येक प्रहर का अपना धार्मिक महत्व है और इन विशेष समयों में पूजन करने से शिव भक्तों को विशेष पुण्य और कृपा प्राप्त होती है। प्रथम प्रहर की पूजा 23 जुलाई शाम 7:18 बजे से रात 10:01 बजे तक, द्वितीय प्रहर की पूजा रात 10:01 बजे से 12:45 बजे तक, तृतीया प्रहर की पूजा 24 जुलाई रात 12:45 बजे से तड़के 3:29 बजे तक, चतुर्थ प्रहर की पूजा तड़के 3:29 बजे से सुबह 6:13 बजे तक की जा सकती है।




