नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हर बार की तरह ही इस बार भी सावन शिवरात्रि बहुत खास होनेवाली है जहां सभी महादेव के भक्त भगवान भेोलनाथ को पूजने व्रत का संकल्प व अभिषेक करेगें। सावन शिवरात्रि पर भोलेनाथ को मात्र एक लोटा जल से अभिषेक करके मनाया जा सकता है। जहां शिवरात्रि पर पूजा-पाठ और व्रत का संकल्प करने और शिवलिंग पर अभिषेक करने से साधक के घर और जीवन पर धन, सुख-समृद्धि और यश की कभी कमी नहीं होती है । आइए जानते है शुभ मुहूर्त के बारे में ।
महादेव का प्रिय माह सावन माह में पड़नेवाले सावन शिवरात्रि को बहुत खास माना जाता है जो हर साल सावन के कृष्ण चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि मनाने का विधान है। जिसे सावन शिवरात्रि के रूप में जाना जाता है। इस बार सावन शिवरात्रि पर भद्रा का साया होगा या नहीं आइए जानते है।
मनोकामना की पूर्ति
पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के पुनर्मिलन सावन शिवरात्रि पर ही हुआ था। इसलिए इस दिन की पूजा और इस दिन के व्रत से वैवाहिक जीवन में खुशियों का संचार होता है । और मनचाहा वर पाने की मनोकामना की पूर्ति होती है। सावन शिवरात्रि पर इस साल भद्रा का साया है या नहीं और इस दिन जलाभिषेक का समय क्या है देखें ये लिस्ट।
सावन शिवरात्रि 2025 तिथि
23 जुलाई को सावन शिवरात्रि की शुरुआत सुबह 4:39 मिनट पर होगी।
24 जुलाई को सावन शिवरात्रि देर रात 2:28 मिनट पर समाप्त होगी
उदया तिथि में सावन शिवरात्रि 23 जुलाई 2025 को मनाई जाएगी।
भद्रा का साया कब तक रहेगा?
पंचांग के अनुसार, इस बार शिवरात्रि पर 23 जुलाई को भद्रा सुबह 5:37 मिनट से लेकर दोपहर के 3:31 बजे तक रहेगा। भद्राकाल में शिवजी का अभिषेक भी नहीं करना चाहिए।
शिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
प्रथम प्रहर पूजा समय शाम 6:59 से लेकर रात 9:36 तक होगा।
द्वितीय प्रहर पूजा समय रात 9:36 से रात 12:13 तक होगा।
तृतीय प्रहर पूजा समय रात 12:13 से देर रात 2:50 तक होगा।
चतुर्थ प्रहर पूजा समय देर रात 2:50 सुबह 5:27 तक होगा।
शिवरात्रि पर जल चढ़ाने का समय 2025
सावन शिवरात्रि पर दोपहर के 3:31 बजे तक भद्रा का साया बना रहेगा, इसलिए ब्रह्म मुहूर्त में भोलेनाथ की पूजा अर्चना की जाएगी और जलाभिषेक किया जा सकेगा। ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है इसलिए, 23 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:15 मिनट से लेकर 4:56 मिनट तक पूजा अर्चना कर सकेगें। इस बार 24 जुलाई 2025 को सावन शिवरात्रि व्रत का पारण सुबह 5:27 मिनट के बीच किया जाएगा। पारण से पहले भोलेनाथ की पूजा कर प्रसाद ग्रहण करें. इसके बाद दान दक्षिणा दें।




