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Friday, March 6, 2026
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Hathras Stampede: 119 लोगों के बयान..सैकड़ों पन्नों की रिपोर्ट, हाथरस भगदड़ की SIT रिपोर्ट पर क्यों मचा बवाल?

हाथरस भगदड़ की जांच के लिए बनाई गई SIT ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को दे दी है। जिसमें अफसरों और आयोजनकर्ताओं पर सवाल खड़े किए गए हैं। हालांकि बाबा भोले का इस रिपोर्ट में नाम तक नहीं है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 2 जुलाई को हाथरस सत्संग भगदड़ मामले में SIT की रिपोर्ट सामने आ चुकी है। SIT ने कई सौ पन्नों की ये रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में सभी जिम्मेदार लोगों का नाम है। हालांकि इस रिपोर्ट में सूरजपाल साकार विश्व हरि का जिक्र तक नहीं किया गया है। बता दें कि 2 जुलाई को सूरजपाल साकार उर्फ भोला बाबा के सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया था।

119 लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार हुई SIT रिपोर्ट

सैकड़ों पन्नों की ये रिपोर्ट 119 लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें हाथरस के DM आशीष कुमार, एसपी निपुण अग्रवाल से लेकर सत्संग की अनुमति देने वाले SDM और सिकंदराराऊ के सीओ व सत्संग में ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के बयान भी शामिल हैं।

परिजनों व श्रद्धालुओं के बयान किए गए दर्ज

इसके अलावा सत्संग में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और घायल श्रद्धालुओं के बयान भी दर्ज किये गए हैं। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में सत्संग का आयोजन करने वाली कमेटी के द्वारा अनुमति से अधिक लोगों के बुलाने, बदइंतजामी और अफसरों के द्वारा मौका मुआयना नहीं करने को हादसे का कारण बताया गया है।

2 जुलाई को हुआ था हादसा

बता दें कि 2 जुलाई को हाथरस में भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के सत्संग में भगदड़ मच जाने से 121 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आयोजनकर्ता देव प्रकाश मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया था और उसपर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। जिसे पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा 6 अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई थी। 

राहुल गांधी ने पीड़ितों से की थी मुलाकात

इस घटना को लेकर बीते दिनों कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पीड़ितों और मृतकों से मुलाकात की थी। उन्होंने बीजेपी से मुआवजा की राशि बढ़ाने की मांग की थी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के मुखिया व सांसद अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा था और इस घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। जिसपर बीजेपी ने मौत के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया था। 

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