नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हमारे देश की राजनीति में अक्सर देखा गया है कि बेटे-बेटियां अपने पिता की सियासी विरासत को आगे बढ़ाते हैं। राजनीतिक परिवार के बेटे-बेटियों को कभी भी बगावत करके अपने ही पिता के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरते हुए नहीं देखा है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1 परिवा महाराष्ट्र और 2 परिवार झारखंड के ऐसे हैं, जिनके बेटे और बेटी अपने ही पिता के खिलाफ चुनावी मैदान में उतर गए हैं। इस खबर में हम इन लोगों के बारे में विस्तार से जानेंगे।र
महाराष्ट्र की अहेरी विधानसभा सीट से पिता-पुत्री आमने सामने
महाराष्ट्र की अहेरी विधानसभा सीट से विधायक आत्रम धर्मतराव के खिलाफ NCP(SP) ने उनकी ही बेटी भाग्यश्री को चुनावी मैदान में खड़ा कर दिया है। भाग्यश्री अहेरी विधानसभा सीट से अपने पिता आत्रम धर्मतराव के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी। बता दें कि विधायक आत्रम धर्मतराव पहले शरद पवार की NCP में थे। वह वर्ष 2019 में अहेरी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। आत्रम धर्मतराव को अहेरी विधानसभा क्षेत्र का बड़ा नेता माना जाता है। लेकिन वर्ष 2023 में बगावत होने के बाद आत्रम धर्मतराव अजित पवार के साथ चले गए थे। जिसके बाद अजित पवार ने एकनाथ शिंदे की सरकार में आत्रम धर्मतराव को कैबिनेट मंत्री बनवा दिया था।
झारखंड के टुंडी विधानसभा सीट से पिता-पुत्र आमने सामने
झारखंड के टुंडी विधानसभा सीट से विधायक मथुरा महतो के खिलाफ उनके ही बेटे दिनेश ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भर दिया है। बता दें कि मथुरा महतो का नाम JMM के बड़े नेताओं में शामिल है। JMM ने मथुरा महतो को टुंडी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। लेकिन उनके बेटे ने भी टुंडी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरकर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है।
झारखंड की झरिया विधानसभा सीट से भी पिता पुत्र आमने सामने
झारखंड की झरिया विधानसभा सीट से भी पिता पुत्र चुनावी मैदान में खड़े हैं। JLKM पार्टी के टिकट पर पिता रुस्तम अंसारी झरिया विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में खड़े हैं, तो वहीं उनके बेटे सद्दाम हुसैन निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपने पिता रुस्तम अंसारी के खिलाफ झरिया विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में खड़े हो गए हैं।





