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Wednesday, March 18, 2026
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तेलंगाना हाईकोर्ट जज और उनकी पत्नी के फोन टैपिंग के मामले में सख्त, पिछली BRS सरकार पर लगे आरोप

BRS: श्रीनिवास रेड्डी ने तेलंगाना हाईकोर्ट को जानकारी दी कि पिछली बीआरएस सरकार ने एक हाई कोर्ट के जज और उनकी पत्नी के फोन को ट्रैक किया था।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। तेलंगाना हाईकोर्ट में 3 जुलाई 2024 को फोन टैपिंग मामले में सुनवाई हुई, यह मामला तेलंगाना की पिछली बीआरएस सरकार द्वारा हाईकोर्ट के एक जज और उनकी पत्नी के फोन को ट्रैक करने का है। इस मामले में हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर कोठाकोटा श्रीनिवास रेड्डी ने तेलंगाना हाईकोर्ट को जानकारी दी कि पिछली बीआरएस सरकार ने एक हाई कोर्ट के जज और उनकी पत्नी के फोन को ट्रैक किया था।

यह कॉल रेकॉर्ड एक साल के थे

पुलिस कमिश्नर कोठाकोटा श्रीनिवास रेड्डी ने तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस टी विनोद कुमार की बेंच को एक एफिडेविट सौंपा। जिसमे उन्होंने जानकारी दी कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने जस्टिस के. सरथ और उनकी पत्नी के कॉल रिकॉर्ड को निकलवाया था। यह कॉल रेकॉर्ड एक साल के थे। साथ में ही आरोपी पुलिसकर्मियों ने इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (आईपीडीआर) भी प्राप्त किया था। पुलिस कमिश्नर कोठाकोटा श्रीनिवास रेड्डी ने हाईकोर्ट को जानकारी दी कि हमारी टीम ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर से कॉल रिकॉर्ड लेने के लिए हैदराबाद के मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट से अनुमति ली थी।

इनमे नेता से लेकर ब्यूरोक्रेट पुलिसकर्मी और मीडयाकर्मी शामिल हैं

पुलिस कमिश्नर कोठाकोटा श्रीनिवास रेड्डी ने हाईकोर्ट को जानकारी दी कि आरोपी पुलिसकर्मी जो स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (एसआईबी) से हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक ईमेल से रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के नोडल अधिकारी को जज और उनकी पत्नी के कॉल रिकॉर्ड के लिए अनुरोध किया था। स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (एसआईबी) के आरोपी पुलिस कर्मियों ने रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के हैदराबाद के नोडल अधिकारी को यह अनुरोध किया था। आरोपी पुलिस कर्मियों ने जस्टिस के. सरथ और उनकी पत्नी के कॉल रिकॉर्ड और आईपीडीआर के रिकॉर्ड मांगे थे।

आरोपी पुलिसकर्मियों को उनके अनुरोध के अनुसार 10 सितंबर, 2022 से 9 सितंबर, 2023 की अवधि के कॉल रिकॉर्ड दिए गए थे। पुलिस कमिश्नर कोठाकोटा श्रीनिवास रेड्डी के एफिडेविट में उनके भी नाम दिए गए हैं, जिनके लिए आरोपी पुलिसकर्मियों ने कॉल रिकॉर्ड और इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड प्राप्त किया था। इनमे नेता से लेकर ब्यूरोक्रेट पुलिसकर्मी और मीडयाकर्मी शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर कोठाकोटा श्रीनिवास रेड्डी ने अपने एफिडेविट में बताया कि इनमे तत्कालीन विपक्षी नेता ए रेवंत रेड्डी, जो अब सीएम हैं भी शामिल हैं, इसके अलावा उनके भाई अनुमुला कोंडल रेड्डी और अनुमुला तिरुपति रेड्डी भी शामिल हैं। 

अपने एफिडेविट में माना कि कानून का उल्लंघन किया गया

पुलिस कमिश्नर कोठाकोटा श्रीनिवास रेड्डी ने अपने एफिडेविट में माना कि कानून का उल्लंघन किया गया और फोन टैपिंग की गई। कमिश्नर कोठाकोटा श्रीनिवास रेड्डी ने तेलंगाना हाईकोर्ट को जानकारी दी कि अवैध तरीके से जज और उनकी पत्नी के सीडीआर और आईपीडीआर रिकॉर्ड को हासिल किया गया। उन्होंने कहा कि फोन टैपिंग के लिए केंद्र सरकार या तेलंगाना के गृह सचिव से कोई अनुमति नहीं ली गई। लेकिन फिर भी पिछली बीआरएस सरकार ने यह जिम्मेदारी एसआईबी प्रमुख टी प्रभाकर राव को दी थी। इस मामले में टी प्रभाकर राव सबसे बड़े आरोपी हैं। अब तेलंगाना हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय गृह सचिव से 14 दिन के अंदर जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई 2024 को रखी है। 

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