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Friday, March 6, 2026
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तिरुपति मंदिर को सरकारी डेयरी ने घी की सप्लाई क्यों बंद कर दी थी? किस तरह निजी कंपनियों को मिला ऑर्डर?

तत्कालीन सरकार ने किस तरह से सरकारी डेयरी कंपनी को टेंडर न देकर निजी कंपनी को घी सप्लाई का टेंडर दिया।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। तिरुपति मंदिर में प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले तिरुपति लड्डू को बनाने में प्रयोग किए जाने वाले घी में पशु वसा के मिलावट को लेकर भक्तों में काफी गुस्सा है। वहीं मीडिया की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जुलाई 2023 को आंध्र प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने सरकारी डेयरी कंपनी को घी का ठेका न देकर एक टेंडर निकाला था, जिसके माध्यम से तत्कालीन सरकार ने एक निजी कंपनी को इसका ठेका दे दिया था। मिली जानकारी के अनुसार मंदिर प्रशासन ने लड्डू के स्वाद और गुणवत्ता की कई बार शिकायत भी की थी, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई थी। जिसके बाद आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की सरकार आई तो उन्होंने मंदिर प्रशासन की शिकायत पर संज्ञान लिया और घी का सैंपल लैब में टेस्ट के लिए भेजा।

निजी कंपनी को घी सप्लाई का टेंडर दिया

जब घी का सैंपल लैब में टेस्ट के लिए गया तो लैब ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि घी में मछली का तेल और पशु के वसा आदि का प्रयोग किया जा रहा था। अब सवाल आता है कि तत्कालीन सरकार ने किस तरह से सरकारी डेयरी कंपनी को टेंडर न देकर निजी कंपनी को घी सप्लाई का टेंडर दिया।

मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार ने सरकारी डेयरी कंपनी का 320 रुपये से अधिक का रेट नहीं बढाया, जिससे सरकारी कंपनी को 320 रुपये में घी की सप्लाई करने में कोई भी मुनाफा नहीं हो रहा था, जिसके बाद सरकारी डेयरी ने 320 रुपये में घी सप्लाई करने से मना कर दिया था। इसके बाद तत्कालीन सरकार ने घी सप्लाई के लिए टेंडर निकाला। इसके लिए कई कंपनियों ने टेंडर में भाग लिया। लेकिन 5 निजी कंपनियों को ही घी सप्लाई करने का टेंडर मिल पाया। वहीं इन 5 कंपनियों में से एक तमिलनाडु की कंपनी AR डेयरी एंड एग्रो फूड्स थी, जिसने 320 रुपये में घी देने का टेंडर डाला, जिसको स्वीकार कर लिया गया था।

15 मई 2024 को घी सप्लाई का आर्डर दे दिया गया

इसके बाद फिर 12 मार्च 2024 को टेंडर डाला गया। जिसको 8 मई 2024 को स्वीकार कर लिया गया और 15 मई 2024 को घी सप्लाई का आर्डर दे दिया गया। जिसके 20 दिन बाद AR डेयरी एंड एग्रो फूड्स कंपनी ने तिरुपति बाला जी मंदिर में अपने घी की सप्लाई शुरू कर दी। AR डेयरी एंड एग्रो फूड्स कंपनी ने मंदिर में कुल 10 घी के टैंकर्स भेजे, जिसमे से 6 घी के टैंकर्स का प्रयोग हुआ।

लैब रिपोर्ट आने से पूरे देश में हडकंप है

लेकिन आंध्र प्रदेश में जैसे ही चंद्रबाबू नायडू की सत्ता आई तो लड्डू के स्वाद और गुणवत्ता की शिकायत खुद चंद्रबाबू नायडू सरकार तक भी गई। सरकार ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए और एक्सपर्ट कमेटी ने पांचों कंपनियों के घी के सैंपल लिए। जिसमे AR डेयरी एन्ड एग्रो फ़ूड के सैम्पल में गड़बड़ी पाई गई। जिसके बाद एक्सपर्ट कमेटी ने AR डेयरी एन्ड एग्रो फ़ूड के बचे 4 घी के टैंकर्स को अलग कर दिया था। AR डेयरी एन्ड एग्रो फ़ूड के 2 टैंकर के सैंपल को 6 जुलाई और बाकि बचे 2 टैंकर के सैंपल को 12 जुलाई को गुजरात के नेशनल डेयरी डेवेलपमेंट बोर्ड की लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया था। जिसके बाद लैब रिपोर्ट आने से पूरे देश में हडकंप है। 

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