back to top
30.1 C
New Delhi
Saturday, March 28, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

1 जनवरी से सस्ती होगी CNG और घरेलू पाइप्ड गैस, PNGRB ने किया बड़ा ऐलान

1 जनवरी 2026 से CNG और घरेलू PNG की कीमतें कम होंगी क्योंकि PNGRB ने गैस ट्रांसपोर्टेशन टैरिफ को सरल और दो जोन में बांटने का फैसला किया है। इससे उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 2–3 रुपये की बचत मिलेगा।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। एक जनवरी 2026 से कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम कम हो जाएंगे। यह फैसला PNGRB (Petroleum and Natural Gas Regulatory Board) ने लिया है, जो भारत में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस सेक्टर को नियंत्रित और रेगुलेट करने वाली राष्ट्रीय संस्था है। PNGRB ने गैस ट्रांसपोर्टेशन टैरिफ को सरल और आसान बनाने का निर्णय किया है, जिसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को होगा।

PNGRB के सदस्य एके तिवारी ने बताया कि नई यूनिफाइड टैरिफ व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 2–3 रुपये की बचत होगी। यह लाभ राज्य और लागू टैक्स के आधार पर भिन्न हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले की टैरिफ व्यवस्था में तीन जोन थे जो 200 किलोमीटर तक की दूरी पर 42 रुपये, 300 से 1200 किलोमीटर पर 80 रुपये और 1200 किलोमीटर से अधिक दूरी पर 107 रुपये प्रति यूनिट लिया जाता था। अब इस व्यवस्था को बदलकर जोन घटाकर दो कर दिए गए हैं, और पहला जोन पूरे भारत में CNG और PNG ग्राहकों के लिए लागू होगा। इसके तहत नई दर 54 रुपये प्रति MMBTU तय की गई है, एक मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिटयह ऊर्जा की मात्रा मापने की एक इकाई है, जो गैस, तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों के मूल्यांकन में इस्तेमाल होती है।जो पहले के 80 और 107 रुपये की तुलना में काफी कम है।

इस बदलाव से भारत के 312 भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने वाली 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के ग्राहकों को फायदा होगा। PNGRB ने कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नई बचत का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचे, और बोर्ड इसकी निगरानी करेगा।

एके तिवारी ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि CNG और PNG सस्ती, सब्सिडी वाली और आसानी से उपलब्ध हों। इसका उद्देश्य देश में नेचुरल गैस का उपयोग बढ़ाना और क्लीन एनर्जी को प्रोत्साहित करना है। PNGRB राज्य सरकारों के साथ मिलकर CGD कंपनियों की मदद कर रहा है, जिससे वैट कम हुआ है और परमिशन प्रक्रिया भी सरल हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से न केवल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में CNG का इस्तेमाल बढ़ेगा, बल्कि घरों में रसोई गैस के लिए PNG भी सस्ती और सुलभ होगी। इसके अलावा, इस कदम से नेचुरल गैस की खपत में वृद्धि होगी, जो पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

PNGRB ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई टैरिफ प्रणाली से कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बना रहेगा और यह दीर्घकालिक तौर पर देश में गैस उद्योग को मजबूत करने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से भारत में क्लीन एनर्जी अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, और यह आम लोगों की जेब पर बोझ कम करने के साथ-साथ देश के ऊर्जा सेक्टर में सुधार भी लाएगा।

Advertisementspot_img

Also Read:

LPG, CNG और PNG में क्या होता है अंतर? जानिए रसोई से गाड़ियों तक इन गैसों का काम

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran और Israel के बीच टकराव की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल बढ़ गई...
spot_img

Latest Stories

राम से हनुमान तक कंफर्म हुई Ramayana की पूरी कास्ट, जानिए कौन निभाएगा किसका रोल?

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की...

रूहानी नाम का मतलब- Ruhaani Name Meaning

Meaning of Ruhaani /रूहानी नाम का मतलब: Spiritual/ आध्यात्मिक Origin...

जिम जाने वालों के लिए ये फल है खास, इसमें होता है जादा प्रोटीन

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में सेहतमंद...

Asansol Dakshin Assembly Election 2026: इस सीट पर किसकी जीत? जानिए क्यों अहम है आसनसोल दक्षिण सीट?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट West Bengal...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵