नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा में आज बुधवार 9 अगस्त को विपक्षी सांसदों ने विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की। आज प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत राहुल गांधी ने की थी। राहुल गांधी ने अपनी चर्चा के दौरान मणिपुर हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा पर हमलावर रहें। इसके साथ ही आज विपक्षी सांसदों आरोप लगाया कि विपक्ष के वक्ता के बोलने के दौरान संसद टीवी का कैमरा अध्यक्षीय आसन की ओर कर दिया जाता है।
कैमरे को बार बार अध्यक्षीय आसन दिखता है
लोकसभा में द्रमुक सांसद कन्नीमोई अविश्वास प्रस्ताव पर बोल रही थीं। इस दौरान द्रमुक और अन्य सांसदों ने आरोप लगाया कि कैमरे को बार बार अध्यक्षीय आसन की ओर कर दिया जाता है। इस दौरान सीट पर कीर्ति सोलंकी बैठे थे।
बसपा सांसद ने लगाया आरोप
बसपा सांसद दानिश अली ने उसी दौरान बीच में उठकर कहा कि विपक्षी सांसदों के बोलने के दौरान कैमरे का फोकस उनकी बजाय अध्यक्षीय चेयर की ओर कर दिया जाता है। इसके अलावा भी कई बार सांसदों ने शिकायत की कि उनकी पार्टी के वक्ता को नहीं दिखाया जा रहा है। ऐसा ही मुद्दा बीआरएस ने नामा नागेश्वर राव के वक्तव्य के दौरान भी उठाया था।
कांग्रेस ने भी लगाया आरोप
इसके साथ ही कांग्रेस ने भी गांधी की स्पीच को लेकर एक नया आरोप लगाया है। कांग्रेस ने ट्विटर लिखा “तानाशाह कितना डरपोक है… समझिए। राहुल गांधी सदन में मणिपुर पर 15 मिनट 42 सेकेंड बोले। इस दौरान संसद टीवी पर 11 मिनट 8 सेकंड तक स्पीकर ओम बिरला को दिखाया गया। जबकि राहुल गांधी को सिर्फ 4 मिनट दिखाया गया।





