नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। पितृ पक्ष में हर साल पितरों के नाम का श्राद्ध करके उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। हालांकि इस बार ये कन्फ्यूजन हो रही है कि पितृ पक्ष का पहला श्राद्ध कब है? आप को बता दें कि, इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद पूर्णिमा को यानी 17 सितंबर 2024 से शुरू हो रहा है जोकि 2 अक्टूबर को समाप्त होगा। ये श्राद्ध 16 दिन तक चलता है जिसमें दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है।
कब से शुरू है पितृ पक्ष
इस साल पितृ पक्ष 17 सितंबर 2024 से शुरू हो रहा है लेकिन श्राद्ध 18 सितंबर को किया जाएगा। क्योंकि 17 सितंबर को पूर्णिमा की तिथि पड़ रही है। जिसके कारण श्राद्ध 18 से किया जायेगा। शास्त्रों में भी बतया गया है कि श्राद्ध हमेशा प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। वहीं ये खत्म 2 अक्टूबर को होगा। पितृ पक्ष के अंतिम दिन को सर्वप्रीति अमावस्या या महालया अमावस्या के रूप में भी जाना जाता है। पितृ पक्ष का सबसे महत्वपूर्ण दिन महालया अमावस्या है।
पितृ पक्ष में श्राद्ध का महत्त्व
हार साल पितृ पक्ष में व्यक्ति श्राद्ध करता है। इसको लेकर ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष के महीने में श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है। साथ ही अगर आपको पितृ दोष है तो उससे से भी मुक्ति मिलती है। जिसके बाद आपके घर में सुख-समृद्धि आती है।
पितृपक्ष की श्राद्ध तिथियां
17 सितंबर 2024 (पूर्णिमा श्राद्ध )
18 सितंबर 2024 (प्रतिपदा श्राद्ध )
19 सितंबर 2024 (द्वितीया श्राद्ध)
20 सितंबर 2024 (तृतीया श्राद्ध )
21 सितंबर 2024 (चतुर्थी श्राद्ध)
21 सितंबर 2024 (महा भरणी)
22 सितंबर 2024 (पंचमी श्राद्ध)
23 सितंबर 2024 (षष्ठी श्राद्ध)
23 सितंबर 2024 (सप्तमी श्राद्ध)
24 सितंबर 2024 (अष्टमी श्राद्ध)
25 सितंबर 2024 (नवमी श्राद्ध)
26 सितंबर 2024 (दशमी श्राद्ध)
27 सितंबर 2024 (एकादशी का श्राद्ध)
29 सितंबर 2024 (द्वादशी श्राद्ध )
29 सितंबर 2024 (मघा श्राद्ध)
30 सितंबर 2024 (त्रयोदशी श्राद्ध )
1 अक्टूबर 2024 (चतुर्दशी श्राद्ध )
2 अक्टूबर 2024 (सर्वपितृ अमावस्या)
अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें –www.raftaar.in
डिसक्लेमर
इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है,और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।




