नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। क्रिसमस का त्योहार आपसी मिलन का त्यौहार होता है जिसे लोग खूब धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन क्रिसमस ट्री को भी शानदार तरीके से सजाया जाता है। इस मौके पर चर्च में कई कार्यक्रम होते हैं जहां लोगों की भीड़ होती है। वहीं, क्रिसमस के दिन बड़े से लेकर छोटे शहरों तक लोग लाल रंग के कपड़े पहनते हैं। इस महत्व के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में केवल यह सवाल होता है की इस दिन केवल लाल कपड़े ही क्यों पहने जाते हैं।
क्रिसमस पर रंगों का महत्व
क्रिसमस का त्योहार रंगों का त्यौहार माना जाता है। लाल, हरा और गोल्डन ऐसा रंग है जो पारंपरिक रूप से इस त्यौहार के साथ जुड़ा रहता है। क्रिसमस ट्री को सदाबहार पौधे जैसे की होली, आईवी और मिस्टलटो से घर को भी सजाया जाता है। पौधे से यह याद आता है की जल्द ही वसंत ऋतु आएगा और सर्दियों खत्म हो जाएगी।
लाल रंग का है विशेष महत्व
क्रूज पर मृत्यु के समय यीशु के लाल खून को लेकर भी कपड़ो का महत्व बढ़ गया है। होली बेरीज का रंग भी लाल होता है इस वजह से लाल रंगों को विशेष महत्व दिया गया है। गोल्डन कलर को सूर्य और प्रकाश का प्रतीक माना गया है। क्रिसमस ट्री पर गोल्डन कलर का स्तर लटकता हुआ देखा जाता है।
क्रिसमस पर इसलिए पहनते हैं लाल कलर का कपड़ा
संत निकोलस को आज भी पहले सांता क्लॉज माना जाता है। यह ईसाई धर्म के पादरी हुआ करते थे और जरूरतमंदों की मदद करते थे। संत निकोलस रात को रूप बदलकर लोगों की मदद करते थे। इस दौरान वह लाल कलर के कपड़े पहनते थे जिसे प्रेम का प्रतीक मानते हैं। इस तरह से लोगों ने भी इस पहनावे को अपना लिया और क्रिसमस के मौके पर लाल कलर के कपड़े पहनने लगे।





