नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रवक्ता कुणाल घोष के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। मिथुन चक्रवर्ती का आरोप है कि कुणाल घोष ने उन्हें चिटफंड घोटाले से जोड़ा और उनके भाजपा में शामिल होने के पीछे निजी स्वार्थ का आरोप लगाया। इतना ही नहीं, अभिनेता ने दावा किया कि कुणाल घोष ने उनके बेटे को लेकर भी झूठी और भ्रामक अफवाहें फैलाईं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। मामले में मिथुन चक्रवर्ती ने कोर्ट में 50,000 रुपये की फीस जमा की है और याचिका में अनुरोध किया है कि कोर्ट कुणाल घोष को मानहानि करने वाले बयान देने से रोके। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है और इसकी सुनवाई अगले सप्ताह हो सकती है।
मिथुन के मानहानि मुकदमे पर क्या बोले TMC नेता ?
मिथुन चक्रवर्ती द्वारा मानहानि केस दर्ज किए जाने के बाद अब कुणाल घोष ने भी प्रतिक्रिया दी है। कुणाल घोष ने कहा कि मुझे मीडिया के जरिए पता चला है कि मिथुन चक्रवर्ती ने मेरे खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि केस दर्ज किया है। फिलहाल मुझे कोई आधिकारिक नोटिस या कानूनी पत्र नहीं मिला है। कुणाल घोष ने यह भी दावा किया कि उन्होंने भी मिथुन चक्रवर्ती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि मैंने भी उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है। मेरे वकील आयन चक्रवर्ती बीमार हैं, इसलिए अब तक नोटिस नहीं भेजा जा सका है, लेकिन मामला दर्ज करा दिया है।
कुणाल घोष का मिथुन चक्रवर्ती पर तीखा पलटवार
कुणाल घोष ने मिथुन चक्रवर्ती पर राजनीतिक अस्थिरता और चिटफंड से जुड़े होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुणाल घोष ने कहा कि “मिथुन दा ने मेरे खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मामला दर्ज करवाया है। लेकिन वह एक दल बदलू हैं। कभी नक्सली, फिर ज्योति बासु के करीबी, फिर शिवसेना, ममता बनर्जी को बहन कहने वाले और अब भाजपा में। जो इंसान इतनी बार पार्टियां बदलता है, उसे कोई पार्टी गंभीरता से नहीं लेती।”
मानहानि केस पर प्रतिक्रिया देते हुए कुणाल घोष ने कहा कि “मैं चाहता था कि मामला आमने-सामने आए। अब कोर्ट में सामना होगा। मैंने मिथुन चक्रवर्ती के खिलाफ जो कहा है, उसके पीछे दस्तावेज हैं। मैं कोर्ट में चार चिटफंड कंपनियों के कागजात लेकर पहुंचूंगा। मामला सिर्फ मेरी टिप्पणी तक सीमित नहीं है, इसकी गहराई है। यह जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “मिथुन दा, आपने अच्छा किया जो केस करके मुझे बुलाया। अब आपसे कोर्ट में मुलाकात होगी। मेरा नाम याद रखिएगा कुणाल घोष।” घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि वे मिथुन की फिल्मी छवि पर टिप्पणी नहीं कर रहे, बल्कि उनके राजनीतिक और आर्थिक संबंधों पर सवाल उठा रहे हैं।





