नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता के संतोष मित्रा स्क्वायर में दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने न केवल मां दुर्गा के दर्शन किए, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी दिया। सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि मैंने मां दुर्गा से प्रार्थना की है कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ऐसी सरकार बने, जो राज्य के खोए हुए ‘सोनार बांग्ला’ के गौरव को फिर से स्थापित करे। उन्होंने कहा कि बंगाल को एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध राज्य बनना चाहिए, जैसा सपना रवींद्रनाथ टैगोर ने देखा था। अमित शाह ने अपने संबोधन के दौरान प्रदेशवासियों और पूरे देश को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं भी दीं। यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा एक बार फिर बंगाल में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
अमित शाह ने बारिश से हुई मौतों पर जताया दुख
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। शाह ने कहा कि वह बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उल्लेखनीय है कि 23 सितंबर को कोलकाता और आसपास के इलाकों में मूसलधार बारिश हुई थी, जिसमें कुल 11 लोगों की मौत हो गई थी। गृह मंत्री गुरुवार देर रात को कोलकाता पहुंचे, जहां हवाई अड्डे पर भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने उनका स्वागत किया। कोलकाता दौरे के दौरान अमित शाह दक्षिण कोलकाता स्थित कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वह साल्ट लेक में आयोजित भाजपा समर्थित पश्चिम बंगाल संस्कृति मंच के दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन भी करेंगे। अमित शाह की यह यात्रा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ी जरूर है, लेकिन इसे आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
बारिश हुए हादसों पर हाई कोर्ट ने सरकार, निगम और बिजली कंपनी से मांगा जवाब
कोलकाता में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और उससे जुड़ी 11 लोगों की मौत पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार, कोलकाता नगर निगम (KMC) और निजी बिजली कंपनी CESC को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में अलग-अलग रिपोर्ट दाखिल करें। बताया गया है कि इन 11 मौतों में से 9 की जान बिजली के करंट लगने से गई। याचिकाकर्ता के वकील शमीम अहमद ने बताया कि यह याचिका कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष दायर की गई। खंडपीठ में न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रे भी शामिल थे।
याचिका में मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए CESC द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देने और कोलकाता की जल निकासी व्यवस्था में सुधार की मांग की गई है। कोर्ट ने तीनों पक्षों को निर्देश दिया है कि वे नवंबर के पहले सप्ताह के अंत तक अपनी रिपोर्ट दाखिल करें। इसके बाद इस मामले पर अगली सुनवाई की जाएगी।





