नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। शनिवार को केंद्र सरकार आम बजट पेश करेगी जिससे परंपरागत एक दिन पहले आज शुक्रवार को आर्थिक सर्वेक्षण जारी कर दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे जारी किया। इसमें चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का आधिकारिक आकलन पेश किया गया और देश के सामने आने वाली चुनौतियों को सूचीबद्ध किया गया। इसके अलावा वित्त मंत्री ने आगामी वित्त वर्ष में विकास दर 6.3-6.8 % रहने का अनुमान जताया है।
Economics Survey 2024-25 की हाईलाइट्स
- वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 मे भारत की आर्थिक संभावनाएं संतुलित हैं।
- मौजूदा वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के बाद फूड इंफ्लेशन में कमी का उम्मीद जताई।
- स्ट्रांग एक्सटर्नल अकाउंट और स्थिर प्राइवेट कंजपशन की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती दिखी है।
- खरीफ फसलों के बाजार में आने से सब्जियों में विविधता आएगी जिससे सब्जी की कीमतें कम बनाए रखने में मदद जारी रहेगी।
- AI के लिए सही मकैनिज्म न होने की वजह से यह आशंका है कि इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
- पब्लिक एक्सपेंडिचर का दिन पर दिन दायर बढ़ रहा है जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आना स्वभाविक है।
- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का नेट कंट्रीब्यूशन वित्त वर्ष 19 में 61 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 131 लाख हो गया है।
- बाहरी मोर्चे पर, स्थिर कीमतों पर वस्तुओं और गैर-कारक सेवाओं के निर्यात में वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि आयात में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
क्या होता Economics Survey
इकोनोमिक्स सर्वे देश की इकोनॉमी का डाटा बिंदु दर बिंदु पेश करता है। इसमें अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत, भविष्य की संभावनाओं और नीतिगत चुनौतियों का खाका होता है। इकोनॉमिक सर्वे में बीते वित्त वर्ष के रोजगार, GDP, मुद्रास्फीति और बजट घाटे की जानकारी देने वाले काफी महत्वपूर्ण आंकड़े होते हैं।




