मसूरी शहर की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है “गन हिल” (Gun Hill)। गन हिल के मनोरम दृश्य, जिनमें एक ओर बादलों को छूती हिमालय की ऊँची चोटियाँ हैं तो दूसरी ओर दून की सुंदर घाटियाँ, मानों प्रकृति ने हमेशा के लिए यहाँ वास कर लिया हो।
मूसरी के माल रोड से ऊँची चढ़ाई कर या रोपवे द्वारा पर्यटक गन हिल पहुंचते हैं जो समुद्र तल से लगभग 2580 मीटर की ऊंचाई पर है। गन हिल के शीर्ष पर पहुँचकर सुंदर और आकर्षक नज़ारे को देख आप अपनी सारी थकान भूल जाएँगे।
गन हिल जाने का सबसे उपयुक्त समय सूर्यास्त से कुछ देर पहले का है। इस समय आप हिमालय की चोटियों में सूरज को डूबते हुए और आसमान में कई रंगों के हेर-फेर को देख ताज्जुब में रह जाएंगे। प्रकृति की अद्भुत, अनोखी सुंदरता को देखना है तो यह जगह आपके लिए ही है।
गन हिल का इतिहास – History of Gun Hill in Hindi
कहा जाता है कि देश की आजादी से पहले, मसूरी की इस चोटी पर एक तोप मौजूद थी जो रोजाना दोपहर बारह बजे चलाई जाती थी। इस तोप को ब्रिटिशर्स ने यहां रखा था जिससे शहर के लोग समय का अनुमान लगा पाते थे। इस वजह से ही यह चोटी गन हिल के नाम से प्रसिद्ध हो गई। अब इस चोटी से मसूरी शहर का पानी संचालन किया जाता है।
गन हिल मे क्या देखे –
पहाड़ी के ऊपर पहुँचकर आप वहाँ का नज़ारा देख कुछ आश्चर्यचकित हो सकते हैं क्योंकि अगर आप सोच रहें कि उंचाई पर आप खामोशी को महसूस करेंगे तो आपको बता दें कि गन हिल पर खाने-पीने की स्टॉल्स, खरीदारी, खेलकूद के इंतजाम और एक माता पार्वती का मंदिर भी है, लेकिन ये सब आपकी यात्रा को यादगार बनाने में मददगार ही साबित होंगे।
गन हिल सलाह –
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रोपवे का किराया सभी पर्यटकों के लिए समान है।
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हिल पर ठंड ज्यादा हो सकती है, गर्म शॉल रखना न भूलें
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गर्म चाय और नूडल्स का आनंद उठाते हुए सुंदर नजारों का लुत्फ़ उठायें
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पर्यटक हिल पर, गढ़वाली पोशाकों में फोटो खिचवा सकते हैं




