नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । हर साल देशभर में दिवाली का उल्लास चरम पर होता है। त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक है और घरों में सजावट जोरों पर किया जाता है। प्रवासी लोग अपने परिवारों से मिलने के लिए शहर लौट आते हैं। हर ओर हर्षोल्लास और एकता का माहौल दिखाई दे रहा है।
इस बार दिवाली को पारंपरिक अंदाज़ से हटकर मनाने का ट्रेंड बढ़ रहा है। लोग अपने शहरों से निकलकर उन जगहों को एक्सप्लोर करना चाह रहे हैं, जहां दिवाली की रौनक अलग अंदाज़ में देखने को मिले। रौशन होते शहरों की भव्यता और विविधता का अनुभव लेने के लिए कई लोग यात्रा की योजना बना रहे हैं। ऐसे में भारत के इन छह शहरों का एक्प्लोर कर आप एजॉय कर सकते है।
अमृतसर (Amritsar)
दिवाली के मौके पर अमृतसर घूमना एक अनोखा अनुभव हो सकता है। यहां दिवाली के साथ-साथ बंदी छोड़ दिवस भी मनाया जाता है, जो सिखों के लिए विशेष महत्व रखता है। गुरु हरगोबिंद जी की रिहाई की याद में स्वर्ण मंदिर जगमगा उठता है। कीर्तन, लंगर और रोशनी से सजा शहर एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संगम बन जाता है। इस दिवाली, छुट्टियों को खास बनाने के लिए अमृतसर की यात्रा जरूर प्लान करें।
कोलकाता (Kolkata)
‘सिटी ऑफ जॉय’ कोलकाता में दिवाली का जश्न नवरात्रों से ही शुरू हो जाता है। यहां की काली पूजा खास आकर्षण होती है, जो भव्यता और आस्था का अनूठा संगम पेश करती है। शहर दीयों, फेयरी लाइट्स और आतिशबाजी से रोशन हो उठता है। कालीघाट और दक्षिणेश्वर जैसे मंदिरों में विशेष पूजा होती है, जबकि हर गली में शानदार पंडाल सजे होते हैं। इस दिवाली, कोलकाता की चमकती रात्रि और आध्यात्मिक वातावरण को महसूस करना एक यादगार अनुभव बन सकता है।
गोवा (Goa)
दिवाली के दौरान गोवा एक अनोखा रूप लेता है। यहां की दिवाली नरक चतुर्दशी से शुरू होती है, जब जगह-जगह विशाल नरकासुर पुतले जलाए जाते हैं। घरों को पारंपरिक कंडीलों और रोशनी से सजाया जाता है, और हर गली में उत्सव जैसा माहौल होता है। दिन में समुद्र की लहरों का आनंद लें, और रात को गोवा के रेस्तरां और पब्स में जश्न मनाएं। इस बार दिवाली की छुट्टियों में गोवा की रंगीन और जीवंत रौनक को जरूर महसूस करें।
वाराणसी (Varanasi)
दिवाली मनाने के लिए वाराणसी से बेहतर जगह शायद ही कोई हो। पवित्र गंगा में स्नान, हलचल से भरे बाज़ारों की सैर और घाटों की आरती यहां के अनुभव को खास बना देते हैं। सूर्यास्त के बाद घाट की सवारी करते हुए चाय और कचौड़ी का स्वाद लेना, जगमगाती रोशनी में डूबे शहर को निहारना एक अद्भुत अनुभव होता है। दिवाली के बाद रुकने पर आप देव दीपावली का हिस्सा भी बन सकते हैं, जब पूरा काशी नगरी दीपों से सज उठती है और गंगा महोत्सव की भव्यता अपने चरम पर होती है।
मैसूर (Mysore)
दिवाली मनाने के लिए दक्षिण भारत की ओर रुख करना भी एक शानदार विकल्प है। मैसूर में इस अवसर पर मैसूर पैलेस को हज़ारों लाइटों से सजाया जाता है, जो देखने में बेहद भव्य लगता है। यहां लगने वाले मेले में लाखों लोग जुटते हैं और शहर का हर बाजार रंग-बिरंगी सजावट से चमक उठता है। अगर आप दिवाली पर मैसूर जा रहे हैं, तो वहां के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेना न भूलें। यह अनुभव आपकी यात्रा को और भी यादगार बना देगा।
जयपुर (Jaipur)
दिवाली के मौके पर जयपुर अपनी पूरी भव्यता के साथ चमक उठता है। महलों, हवेलियों और बाजारों को दीयों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है, जिससे पूरा शहर चकाचौंध हो जाता है। खास बात यह है कि यहां दिवाली टूर भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें आप शहर की जगमगाहट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बाजारों की रौनक को करीब से महसूस कर सकते हैं। अगर आप इस दिवाली कुछ खास अनुभव करना चाहते हैं, तो जयपुर जरूर जाएं।
अब आपके सामने विकल्प हैं। चाहे पवित्रता और आध्यात्मिकता के लिए वाराणसी हो, रंग-रूप और सांस्कृतिक जश्न के लिए जयपुर या मैसूर, या फिर समुद्र किनारे आनंद के लिए गोवा और अमृतसर का विशिष्ट अनुभव। आप अपनी पसंद के अनुसार कोई भी जगह चुन सकते हैं।
अपनी छुट्टियों की योजना आराम से बनाएं और इस दिवाली के लंबे वीकेंड को परिवार और दोस्तों के साथ खूब यादगार बनाएं। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो लाइक और शेयर जरूर करें, और ट्रैवल से जुड़ी और जानकारी के लिए हरजिंदगी के साथ जुड़े रहें।





