नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड में होने वाली Chardham Yatra 2026 को लेकर प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और सख्त कर दिया है। यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था और हादसों को रोकने के लिए देहरादून प्रशासन ने खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब चारधाम रूट पर चलने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।
Chardham Yatra 2026 के लिए ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू
जानकारी के मुताबिक, 23 मार्च से ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्ड उन्हीं वाहनों को मिलेगा, जो फिटनेस जांच और अन्य जरूरी मानकों पर खरे उतरेंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि यात्रा के दौरान केवल सुरक्षित और प्रमाणित वाहन ही सड़कों पर चलें, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
नए नियमों के तहत बाहरी राज्यों से आने वाले व्यावसायिक वाहनों पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। ऐसे वाहनों को सीमित अवधि यानी करीब 15 दिनों के लिए ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा ड्राइवर की स्वास्थ्य जांच, वाहन की तकनीकी जांच और जरूरी दस्तावेजों की जांच भी अनिवार्य होगी।
ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज:
- आरसी (Registration Certificate)
- वैध फिटनेस सर्टिफिकेट (खासकर कमर्शियल वाहनों के लिए)
- परमिट (टूरिस्ट/कमर्शियल परमिट)
- वैध इंश्योरेंस
- पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट
ड्राइवर से जुड़े दस्तावेज
- ड्राइविंग लाइसेंस (कमर्शियल वाहन के लिए वैध)
- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
- आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र
अन्य जरूरी चीजें
- ट्रिप कार्ड (जिसमें यात्रियों की जानकारी दर्ज होती है)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर और संपर्क विवरण
- ऑनलाइन/ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की रसीद
प्रशासन वाहन की तकनीकी आधार पर भी जांच करता है, जिसमें ब्रेक, टायर, इंजन और ओवरऑल कंडीशन चेक की जाती है। इसके बाद ही ग्रीन कार्ड जारी किया जाता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि बिना ग्रीन कार्ड के किसी भी कमर्शियल वाहन को चारधाम रूट पर चलने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसलिए यात्रा से पहले सभी दस्तावेज अपडेट और वैध होना जरूरी है।




