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Monday, March 30, 2026
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नए साल 2026 की छुट्टियों का बढ़िया प्लान, बजट में घूमिए मऊ सहानिया की वादियाँ कर देंगी दिल खुश

छतरपुर से 16 किमी दूर स्थित मऊ सहानिया नया साल 2026 मनाने के लिए बजट–फ्रेंडली और शांत पिकनिक स्पॉट है, जहाँ प्रकृति, इतिहास और बुंदेलखंड की धरोहरों का अनोखा संगम मिलता है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। नया साल 2026 नजदीक है और लोगों ने छुट्टियों को खास बनाने की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। ऐसे में यदि आप छतरपुर जिले या आसपास के इलाकों में रहते हैं और बिना ज्यादा खर्च किए परिवार के साथ कहीं शांत, खूबसूरत और इतिहास से भरपूर जगह पर पिकनिक मनाने का सोच रहे हैं, तो मऊ सहानिया आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।

शहर से करीब 16 किलोमीटर दूर स्थित मऊ सहानिया इन दिनों पिकनिक मनाने वालों की पहली पसंद बना हुआ है। पहाड़ों, घने पेड़ों और ठंडे मौसम के बीच स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहरों को भी समेटे हुए है।

प्रकृति, इतिहास और सुकून का अनोखा संगम

मऊ सहानिया सिर्फ पिकनिक स्पॉट नहीं, बल्कि ऐसा स्थान है जहाँ सुकून भरी प्रकृति के साथ बुंदेलखंड के गौरवशाली इतिहास की झलक भी देखने को मिलती है। यहाँ मौजूद प्राचीन स्मारक, मंदिर, किले और महल आज भी उस दौर की कला और स्थापत्य के अद्भुत उदाहरण हैं।परिवार हो, बच्चे हों या दोस्तहर किसी के लिए घूमने-फिरने और इतिहास को करीब से समझने के लिए यहाँ बहुत कुछ मौजूद है।

धुबेला संग्रहालय

18वीं शताब्दी में महाराजा छत्रसाल द्वारा निर्मित यह संग्रहालय बुंदेली शैली की अनमोल झलक प्रस्तुत करता है। यहाँ हथियार, मूर्तियाँ, शिलालेख और प्राचीन अवशेष इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करते हैं।

महाराजा छत्रसाल स्मारक

बाजीराव पेशवा प्रथम द्वारा बनवाया गया यह स्मारक आज भी महाराजा छत्रसाल के पराक्रम की कहानी बयां करता है। इसी परिसर में उनके प्रिय घोड़े की समाधि भी स्थित है, जहाँ पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

रानी कमलापति स्मारक

महाराजा छत्रसाल ने अपनी पहली रानी, रानी कमलापति की याद में यह दो-मंजिला महल बनवाया था। निर्माण शैली में बुंदेली स्थापत्य की झलक और सात गुंबद इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं।

मस्तानी महल

1696 में महाराजा छत्रसाल ने अपनी बेटी मस्तानी के लिए इसे बनवाया था। बाद में मस्तानी का विवाह बाजीराव पेशवा से हुआ था। यह स्थान इतिहास के रोमांचक अध्यायों का साक्षी है।

हृदय शाह महल

महाराजा छत्रसाल के बड़े पुत्र हृदय शाह का यह महल आज भले ही खंडहर रूप में हो, लेकिन इसकी भव्यता आज भी लोगों को आकर्षित करती है। दूर-दूर से पर्यटक इसे देखने आते हैं।

शीतल गढ़ी

17वीं शताब्दी में महाराजा छत्रसाल के नाती द्वारा निर्मित यह किला बुंदेली कला और उस समय की सुरक्षा तकनीक का अनोखा उदाहरण है। यह अपनी प्राकृतिक कूलिंग व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध था।

महेबा गेट

1678 में महाराजा छत्रसाल द्वारा निर्मित यह भव्य द्वार सैनिक छावनी के रूप में काम आता था। इसकी वास्तुकला बुंदेला कला की सुंदरता को दर्शाती है।

बड़ा तालाब बना पिकनिक की पहली पसंद

ऐतिहासिक स्थानों के अलावा मऊ सहानिया में स्थित बड़ा तालाब पिकनिक मनाने वालों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। साफ वातावरण, शांत पानी और प्राकृतिक हरियाली परिवारों को दिनभर आराम से समय बिताने का अवसर देती है। यहाँ लोग खुद खाना बनाकर पिकनिक मनाने का आनंद भी लेते हैं।

कम खर्च में बेहतरीन यात्रा

मऊ सहानिया की सबसे बड़ी खासियत है कि यह जगह पूरी तरह बजट फ्रेंडली है। यहाँ जाने पर न तो किसी बड़े खर्च की जरूरत पड़ती है और न ही किसी विशेष परमिट की। सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है और आसपास खाने-पीने की उचित व्यवस्था भी उपलब्ध है।

नए साल के लिए आदर्श डेस्टिनेशन

ठंड के मौसम में मऊ सहानिया की सुंदरता और भी निखर उठती है। ऐसे में नया साल 2026 मनाने के लिए यह स्थान परिवारों और युवाओं के लिए एक आदर्श पिकनिक डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है।

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