नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हर साल की तरह इस साल भी गर्मियों के वेकेशन लग चुके है, ऐसे में अधिकतर लोग कहीं न कही घूमने का प्लान बनाने लगते है जिसमें वे ठंडी जगह व सुकून भरे प्लेसेस के बारे में सर्च करने लगते है ऐसे में अगर आप भी ऐसी ही किसी जगह के तलाश में है तो ये आर्टिकल आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा आज जानेगें उस खास जगह के बारे में जहां रेगिस्तान के इस हिल स्टेशन में बसता है छोटा कश्मीर। आइए जानते है उस प्लेस के बारे में ।
इस खास जगह के बारे में और यहां की खासियत
जब भी हमारे दिमाग में रेगिस्तान का ख्याल आता है तो सबसे पहले मन में यही आता है कि रेत भरी जगह की गर्मी जहां ना पानी ना दूर तक कोई रास्ता लेकिन क्या आप राजस्थान के उस जगह के बारे में जानते है जहां इस तपती गर्मी में भी कश्मीर जैसें ठंडक का अहसास होता है इसलिए इस हिल स्टेशन को छोटा कश्मीर भी कहा जाता है। ये अरावली के पहाड़ियों से होकर करीब 900 मीटर ऊचांई पर मौजूद है। जहां करीब 100 साल पुराना रेलवे ट्रैक भी मौजूद है। अगर आपने भी इससे पहले इस जगह के बारे में कभी नहीं सुना तो चलिए आज जानते है इस खास जगह के बारे में और यहां की खासियत।
कश्मीर जैसे ठंडक का होगा अहसास
अगर आप ऐसा सेाच रहे कि राजस्थान में सिर्फ रेगिस्तान है तो गलत सोच रहे है यहां अपनी पहाड़ियों और खूबसूरत नजारों के लिए फेमस गोरम घाट जो अरावली पहाड़ों पर स्थित है जहां पर जाकर आपको कश्मीर जैसे ठंडक का होगा अहसास।
देवगढ़ काचबली गांव में मौजूद
बता दे कि, यहा जाने के लिए आपको ट्रेन की सुविधा मिलेगी जो राजस्थान के राजसमंद जिले के देवगढ़ काचबली गांव में मौजूद है, जिसका निमार्ण सन् 1932 में मेवाड़ के महाराणा की मदद से अंग्रेजों ने करवाया था। अगर बना रहे किसी टूर का प्लान तो इस जगह को बिलकुल भी स्किप ना करें। ट्रेन से प्रकृति का खूबसूरत नजारा लेते हुए आपको यहां पहुचंने में करीब एक घंटा लग सकता है। ट्रेन के रास्ते में आपको दो सुरंग और करीब छोटे-बड़े मिलाकर 172 पुल रास्तें में मिलेगें।
नेचर लवर फोटोग्राफी के लिए बेस्ट जगह
बेस्ट जगहों में से एक गोरम घाट नेचर लवर के लिए सबसे बेस्ट है जहां आपको स्मॉल वॉटर फॉल और छोटे झरनों के साथ वाइल्ड लाइफ भी देखने को मिलेगा। इसी के साथ आप यहां पर ट्रैकिंग भी कर सकते हैं। यहां का सबसे अद्भुत ट्रेक रेलवे स्टेशन के पीछे गोरखनाथ मंदिर तक मौजूद है।
गोरम घाट का रेलवे ट्रैक
काफी खूबसूरत नजर आनेवाला गोरम घाट का रेलवे ट्रैक जहां आपका सेल्फी, फोटोग्राफी रील बनाना खतरे से खाली नही है। यहां पर इससे पहले ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है जिसमें एक जोड़े ने ट्रेन की चपेट से बचने गहरी खाई में गिरकर जान बचाई थी इससे उन्हें गंभीर घाव भी आए थे।
मारवाड़ जंक्शन से गोरम घाट तक ट्रेन पूरे हफ्ते चलती है
गोरम घाट पर जाने के लिए आपको ये मौसम ही चुनना चाहिए यहां बारिस में जाना खतरे से खाली नही रहता, यहां केवल दो ट्रेनें चलती हैं, जो कि एक सुबह और एक शाम को जिसमें मारवाड़ जंक्शन से गोरम घाट तक ट्रेन पूरे हफ्ते चलती है।





