कुशीनगर में हुई ओशो विचार गोष्ठी व ध्यान योग के हुए कार्यक्रम कुशीनगर, 22 मार्च (हि. स.)। ओशो सम्बोधि दिवस पर ओशो मैत्रेय ध्यान विज्ञान मन्दिर ने विचार गोष्ठी, ध्यान, योग के कार्यक्रमों का आयोजन किया। सोमवार देर शाम आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते स्वामी प्रेमगीत ने कहा कि ओशो ने पूरी दुनिया के लोगों को जीने की नई राह दिखाई। शुरूआती दौर में लोगों उनके विचारों का विरोध किया हुआ, लेकिन अब सारी दुनिया उनके ज्ञान की कायल हो गई है। ओशो मैत्रेय संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ओशो सृजित विकसित ध्यान विधियों का आधुनिक युग में मनुष्य के लिये बहुत ही महत्व है। छात्र सिद्धार्थ ने ध्यान को मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया। गृहिणी भावना देवी ने कहा कि ओशो की देशना नारी के सम्मान व कार्य क्षमता में वृद्धि करता है। विचार गोष्ठी का साथ सक्रिय ध्यान,आनापान सती योग, तथाता ध्यान, कीर्तन सहित सन्ध्या सत्संग समेत कई कार्यक्रम हुए। उपस्थित लोगों ने ओशो की शिक्षाओं के अनुरूप संसार मे रहते हुए और जीवन को सुंदर बनाते हुए सर्वे भवन्तु सुखिनः का सन्देश आत्मसात करने का संकल्प लिया। संचालन डॉ. स्निग्धा पांडेय) ने किया। इस अवसर पर अखिलेश तिवारी, अजय रुंगटा,सिद्धार्थ, राजू भाई शर्मा,संजय यादव,मा प्रेम प्रतिमा,ज्ञान ज्योति, भावना खट्टर,मुन्नीदेवी इत्यादि साधको ने हिस्सा लिया। हिन्दुस्थान समाचार/गोपाल/दीपक




