नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बिहार राज्य को विशेष दर्जा ना मिलने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि भले ही स्पेशल स्टेट का दर्जा ना मिला हो लेकिन जो मिला है वो भूतो ना भविष्यति के समान है।
बिहार आरक्षण सीमा को अनलॉक कराने का हर संभव प्रयास कर रही है सरकार
नीतीश ने कहा, हमारी सरकार बिहार आरक्षण सीमा को अनलॉक कराने का हर संभव प्रयास कर रही है। इस आदेश को पटना कोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके साथ ही बिहार को नौंवी अनुसूची में शामिल किए जाने का अनुरोध भी शामिल है।
मेरे कहने पर सभी जाति आधारित गणना के लिए सहमत हुए: मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा कि उनके कहने पर सभी जाति आधारित गणना के लिए सहमत हुए जिसके बाद एससी, एसटी, ओबीसी और अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिए कोटा बढ़ाया गया। पटना हाईकोर्ट ने रिजर्वेशन कानूनों को रद्द कर दिया है और अब वो लोग अपर कोर्ट में गए हैं। इन्हें नौवीं अनुसूची में डालने के लिए केंद्र से एक औपचारिक अनुरोध भी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2023 में पारित इन आरक्षण कानूनों के जरिए वंचित जातियों के लिए कोटा 65 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया था, जिसे जून में पटना हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन करने वाले कानूनों को नौवीं अनुसूची में रखने से इन्हें न्यायिक समीक्षा से छूट मिल जाएगी।
आपकों बता दें कि नीतीश कुमार ने विधानसभा में उन्होंने एक महिला विरोधी बात कही। आरक्षण को लेकर अपने भाषण के दौरान नीतीश ने RJD विधायक रेखा देवी को सदन में कहा कि वो महिला हैं कुछ नहीं जानती हैं।
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