– कोई बाजार बंद कराता रहा तो कोई इसे खुलवाने में करता रहा सहयोग,पुलिस दिखी वेट एण्ड वाॅच की भूमिका में झांसी,26 फरवरी (हि.स.)। जीएसटी की विसंगतियों के विरोध में कैट व उत्तर प्रदेश व्यापार मण्डल का भारत बंद वीरांगना नगरी में बेअसर दिखाई दिया। सुबह से ही अधिकांश बाजारों में रोज की तरह रौनक नजर आई। लोगों ने अपने प्रतिष्ठान खोले रखे। कहीं कहीं पर कैट का आह्वान भी कार्य करता नजर आया। तो व्यापारियों के दूसरे गुट ने बंद कराई गई दुकानों को खुलवाकर बाजार की रौनक वापस करने का काम किया। इसके विपरीत पुलिस व प्रशासन मूक दर्शक रहकर वेट एण्ड वाॅच की भूमिका अदा करते नजर आए। 26 फरवरी को जीएसटी की विसंगतियों को लेकर भारत बंद का पूर्व में ही एलान कर दिया गया था। इसका प्रतिनिधित्व कैट व उप्र व्यापार मण्डल कर रहा था। लेकिन दोनों ही व्यापारी संगठनों में राजनैतिक सियासत की जंग ने दोनों को दो अलग रास्तों पर खड़ा कर दिया। इसके चलते पुलिस व प्रशासन को इस फूट का खूब फायदा हुआ। झांसी में कैट के पदाधिकारी व्यापारी संजय पटवारी ने बंद के सहयोग में पूरी ताकत लगा दी थी। इसके लिए बीते रोज उन्होंने अपने व्यापारी साथियों के साथ रैली भी निकाली थी। इसको रोकते हुए पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भी भेज दिया था। वहीं इसके इतर व्यापारियों का एक दूसरा गुट भी पूरी सक्रियता के साथ कार्य करने में जुटा हुआ था। व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष संतोष साहू के नेतृत्व में पदाधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख बाजारों रानी महल, सुभाष गंज, गांधी रोड, खोवा मंडी, बड़ा बाजार, बिसाती बाजार, सराफा बाजार, बजाजा बाजार, चंद्रशेखर आजाद बाजार, मानिक चैक, जवाहर चैक, खत्रयाना, गुसाईंपुरा, इलाइट चैराहा, खंडेराव गेट, सदर बाजार, कचहरी चैराहा, बस स्टैंड आदि बाजारों में पहुंच कर व्यापारियों से सुचारू व्यापार करने की अपील की थी। पूरे दिन जहां कैट के नेतृत्व में व्यापारी बाजार को बंद कराकर जीएसटी का विरोध जताते नजर आए। तो वहीं दूसरी ओर उप्र व्यापार मंडल द्वारा गठित किया गया व्यापारी रक्षक दल भी बंद बाजार को खुलवाने में जुटा रहा। कुल मिलाकर पूर दिन बंद का छुट-पुट असर ही दिखाई दिया। बंद का विरोध कर रहे व्यापारियों का यह कहना था कि व्यापारी लाॅक डाउन के दौरान बुरी तरह से टूट चुका है। 80 प्रतिशत लघु व्यापार करने वाले ऐसे व्यापारी हैं जिन्हें जीएसटी से कुछ लेना देना नहीं है। ऐसे में उनके प्रतिष्ठान बंद कराने पर उनकी रोजी रोटी भी छिन जाएगी। किसी कानून के विरोध के लिए जरुरी नहीं कि बाजार बंद कराया जाए। प्रतिष्ठान खोले व्यापारियों का जय बुन्देलखण्ड व्यापार मंडल ने किया स्वागत शुक्रवार को जय बुन्देलखण्ड व्यापार मंडल के पदाधिकारी बुन्देलखण्ड अध्यक्ष अंचल अडजरिया के नेतृत्व में बाजारों के भृमण करने के लिए निकले। अंचल अडजरिया ने व्यापारियों से सम्पर्क करते हुए उन्हें सुरक्षा का विश्वास दिलाया। नगर के मानिक चौक, बड़ा बाजार, जवाहर चौक, सराफा बाजार, बड़ा बाजार, सीपरी बाजार, सदर बाजार आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर प्रतिष्ठान खोलने वाले व्यापारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस दौरान अंचल अडजरिया ने कहा कि देश की प्रगति में व्यापारियों ने अपनी आत्मा की आवाज पर व्यापारी हित में अपने प्रतिष्ठान खोले। संपूर्ण झांसी महानगर में लगभग 80 प्रतिशत से ज्यादा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोले। इसी प्रकार बरुआसागर, चिरगांव, बबीना, मऊरानीपुर, टोड़ीफतेहपुर, गरौठा, गुरसराय आदि क्षेत्रों में भी बाजार खुला रहा। बुन्देलखण्ड के 13 जनपदों में व्यापार मंडल की टीम ने घूमकर व्यापारियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष विजय जैन, कार्यवाहक अध्यक्ष अनिल सुडेले, युवा बुंदेलखंड अध्यक्ष पुरुकेश अमरया, महामंत्री मनीष, जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, महानगर अध्यक्ष संजय शर्मा, कोषाध्यक्ष रोहित मेहरोलिया, अरुण, आदित्य, अर्पित, अंशुल आदि उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/महेश




