नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। एशिया 2017 मैराथन चैंपियन भारत के थोनाकल गोपी ने कहा है कि महामारी और चोट के कारण वह टोक्यो ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए 31 मई तक की डेडलाइन मिस कर गए। गोपी ने आईएएनएस से कहा, 2019 में मुझे घुटने में चोट लग गई थी जबकि 2020 महामारी की भेंट चढ़ गया। चूंकि ओलंपिक क्वालीफिकेशन हासिल करने की डेडलाइन समाप्त हो गई है, मेरा ध्यान 2022 के सीजन तक फिट रहने पर केंद्रित है। 2016 में हुए रियो ओलंपिक में गोपी दो घंटे 15 मिनट और 25 सेकेंड के सर्वाधिक निजी स्कोर के साथ 25वें स्थान पर रहे थे। गोपी ने कहा, एशिया मैराथन का खिताब जीतने से मेरा मनोबल काफी ऊंचा हुआ लेकिन 2018 का सीजन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहने से मैं जर्काता एशिया खेलों के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका था। उन्होंने कहा, मेरे पास माइनस तापमान में दौड़ने का अनुभव नहीं था और सोल मैराथन में 10 किमी की दौड़ काफी चुनौतीपूर्ण थी लेकिन मैंने इसे मैनेज किया। सोल में उनके प्रदर्शन से वह 2019 आईएएएफ विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई हुए थे। गोपी ने कहा, दोहा में गर्म वातावरण डिस्टेंस दौड़ के लिए आदर्श नहीं था। मैंने दो घंटे 15 मिनट और 58 सेकेंड का समय लिया था जो ओलंपिक क्वालीफिकेशन मार्क दो घंटे 11 मिनट और 30 सेकेंड से करीब चार मिनट कम था। उन्होंने कहा, चोट से उभर कर वापसी करना चुनौतीपूर्ण होता है। मैंने रिहेबिलिटेशन किया। चूंकि फिलहाल कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं है तो मेरा ध्यान फिटनेस का वापस हासिल करने और 2022 के सीजन के लिए तैयार रहने पर केंद्रित है। –आईएएनएस एसकेबी/एएनएम




