नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हरियाणा के पंचकुला में मोरनी में फाइटर जेट जगुआर क्रैश हो गया। यह हादसा प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हुआ। फाइटर जेट जगुआर क्रैश ने अंबाला से उड़ान भरी थी। ग्रामीणों के मुताबिक, जेट का पायलट पैराशूट की मदद से सुरक्षित नीचे उतरने में सफल रहा और अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। इस हादसे के बाद वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वारी के आदेश दे दिए गए हैं।
विमान के परखच्चे उड़े
मोरनी के ग्रामीणों के मुताबिक हादसा इतना भयावह था कि इस फाइटर प्लेन जगुआर के परखच्चे उड़ गए। और काफी दूर तक इसके टुकड़े जा गिरे। वायुसेना के मुताबिक जेट ने अंबाला से प्रशिक्षण के लिए उड़ान भरी थी। पंचकुला के आसमान में आते ही तकनीकी खराबी आने की वजह से जेट असंतुलित होने लगा था। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को घनी आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाने में कामयाबी हासिल की और पैराशूट की मदद से अपनी जान भी सुरक्षित बचा ली। जहां ये हादसा हुआ वहां लोगों में दहशत हो गई है।
भारत के पास जगुआर विमानों का जखीरा है
एक रिपोर्ट के मुताबिक- भारत के पास लगभग 120-130 जगुआर लड़ाकू विमान हैं। इन फाइटर प्लेने्स का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना और नेवी ज्यादा इस्तेमाल करती है। भारत ने 1970 और 1980 के दशक में HAL के साथ मिलकर जगुआर विमानों को अपनी वायुसेना के बेड़े में शामिल किया था। जगुआर का मुख्य काम दुश्मन पर अटैक करना, हल्की से लेकर भारी बमबारी करना है। भारतीय वायुसेना ने इन विमानों का इस्तेमाल खास तौर पर सीमावर्ती इलाकों में किया है।




