नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। संसद के मानसून सत्र के छठे दिन सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर लोकसभा में जबरदस्त बहस हुई। पूरे 16 घंटे तक सत्ता और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। इस बहस में AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी का बयान सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा।
‘मेरा जमीर गवारा नहीं करता भारत-पाक क्रिकेट मैच देखना’
लोकसभा में विशेष चर्चा में भाग लेते हुए ओवैसी ने भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव का हवाला देते हुए क्रिकेट मुकाबलों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा: “जब दोनों देशों के बीच व्यापार और बातचीत बंद है, आतंकवाद चरम पर है, तब क्रिकेट मैच कैसे हो सकता है? मेरा जमीर गवारा नहीं करता कि मैं भारत-पाक मैच देखूं। ओवैसी ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा: “जम्मू-कश्मीर में लाखों जवान तैनात हैं, फिर भी चार आतंकवादी आए और 26 लोगों की जान ले ली। जवाबदेही कौन लेगा? अगर खुफिया एजेंसियों की चूक है, तो कार्रवाई होनी चाहिए। अगर उपराज्यपाल जिम्मेदार हैं, तो उन्हें हटाया जाए।
‘370 हटाने के बाद भी हमले क्यों? पाकिस्तान और इजराइल को बताया नाकाम देश’
ओवैसी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बावजूद जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं थमी नहीं हैं। उन्होंने सरकार की नीति को विफल करार दिया और कहा,”पाकिस्तान और इजराइल दोनों नाकाम देश हैं। भारत को इनसे अलग नीति बनानी होगी। संप्रभु भारत पर अमेरिका क्यों बोले? संघर्ष विराम पर उठाया सवाल ओवैसी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संघर्षविराम की घोषणा का मुद्दा उठाते हुए कहा:’भारत एक संप्रभु देश है। फिर अमेरिका को भारत के सैन्य मामलों में क्यों बोलने दिया जा रहा है? सरकार ने उसका खंडन तक नहीं किया, यह गंभीर बात है।
‘गृह मंत्री और उपराज्यपाल को देना चाहिए इस्तीफा’
भाकपा सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि हमले के वक्त 2,000 से ज्यादा पर्यटक बिना सुरक्षा के थे और हमला करीब एक घंटे तक चला। उन्होंने कहा:”यह गृह मंत्रालय की नाकामी है। उपराज्यपाल को नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना चाहिए।”
‘सरकार का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर सफल, जरूरत पड़ी तो फिर होगी स्ट्राइक’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,”ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल रहा है। यदि जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान के खिलाफ फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की जाएगी। बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा ने भी बताया कि ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों में से एक, पहलगाम हमले में शामिल था।
‘भारत के मंत्री पर भरोसा नहीं, पाकिस्तान पर है’
गृहमंत्री अमित शाह विपक्ष के हंगामे पर भड़क गए और कहा,”जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर बोल रहे थे, तब विपक्ष बार-बार टोक रहा था। आपको भारत के विदेश मंत्री पर भरोसा नहीं है लेकिन पाकिस्तान पर है, इसलिए आप अगले 20 साल तक विपक्ष में ही बैठेंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया 22 अप्रैल से 17 जून के बीच प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। भारत की आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति स्पष्ट है, खासकर जब बात पाकिस्तान की हो। ऑपरेशन सिंदूर’ पर संसद में हुई बहस ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत-पाक संबंध जैसे गंभीर मुद्दों पर देश में सिर्फ सैन्य नहीं, राजनीतिक और नैतिक जवाबदेही भी जरूरी है। सरकार जहां सैन्य कार्रवाई को सफल बता रही है, वहीं विपक्ष उससे जुड़े तमाम पहलुओं पर सरकार को घेर रहा है।




