नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देशभर में ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। अब जालसाजों ने एलईडी बल्ब के बहाने लोगों की जेब साफ करनी शुरू कर दी है। महज 10 रुपये में बल्ब बेचने का लालच देकर ये स्कैमर सीधे लोगों के बैंक खाते तक पहुंच बना रहे हैं। देश के कई हिस्सों में इस नए स्कैम की शिकायतें सामने आई हैं।
क्या है LED बल्ब स्कैम?
ठग खुद को किसी सरकारी या निजी संस्था का प्रतिनिधि बताकर घर-घर जाते हैं। फिर दावा करते हैं कि “सरकार की नई योजना” के तहत सिर्फ 10 रुपये में LED बल्ब मिल रहा है। भरोसा जीतने के बाद वे लोगों से मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) लेने का बहाना करते हैं। यहीं से शुरू होती है असली ठगी। लोग सोचते हैं कि मामूली बल्ब खरीद रहे हैं, लेकिन असल में वे अपनी अहम निजी जानकारी खुद ठगों को सौंप रहे होते हैं, जो बाद में बैंक खातों से पैसे उड़ा देते हैं।
कई लोग हुए शिकार, उड़ गए लाखों रुपये
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने यह दावा किया है कि एलईडी बल्ब खरीदने के बाद उनके बैंक खातों से अचानक पैसे कट गए। जांच में सामने आया कि बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग कर UPI, बैंकिंग ऐप्स या फर्जी ट्रांजैक्शन को अंजाम दिया गया।
कैसे बचें इस स्कैम से?
लालच में न आएं: कोई भी ऑफर अगर बहुत ज्यादा सस्ता लग रहा हो, तो सतर्क हो जाइए।
बायोमेट्रिक या OTP शेयर न करें: फिंगरप्रिंट, आधार नंबर, मोबाइल OTP आदि किसी अजनबी को न दें।
सरकारी योजना की पुष्टि करें: किसी योजना की जानकारी हो, तो उसे सरकारी वेबसाइट या हेल्पलाइन से क्रॉस चेक करें।
स्थानीय प्रशासन को सूचना दें: यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति इस तरह की स्कीम लेकर आए, तो तुरंत पुलिस या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
प्रशासन की अपील
साइबर क्राइम सेल और बैंकिंग एजेंसियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी योजना या ऑफर में अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी साझा न करें। ठगी की आशंका हो तो तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं या 1930 पर कॉल करें।





