नई दिल्ली, रफ्तार। भारतीय टीम आज 17 साल का इंतजार खत्म करने के इरादे से बारबाडोस में उतरेगी। टीम को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2017 में टी-20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी मिली थी। इस बार रोहित शर्मा के नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन बेहतरीन है, लेकिन भारतीय फैंस के मन में एक डर बैठा है। फैंस का डर है कि वनडे वर्ल्ड कप 2023 की तरह भारतीय टीम कहीं फाइनल मुकाबला ही न हार जाए। भारतीय टीम चोकर्स न बनाए। दरअसल, वनडे वर्ल्ड कप 2023 और टी-20 वर्ल्ड कप 2024 में एक बड़ी समानता है।रोहित की अगुआई में दोनों टूर्नामेंट के फाइनल में भारत बिना कोई मैच गंवाए पहुंची है। वनडे वर्ल्ड कप में टीम ऑस्ट्रेलिया से फाइनल मुकाबला ही हार गई थी। इस बार सामने साउथ अफ्रीका है, जो इस टूर्नामेंट में पहला ट्रॉफी जीतने के इरादे से उतरेगी।
एक साल के अंदर 2 टूर्नामेंट में चोक कर चुका है भारत
भारतीय टीम एक साल के भीतर आईसीसी के तीन टूर्नामेंट का फाइनल खेली है। तीन में से 2 फाइनल मुकाबलों में भारत हार चुकी है। यानी चोक की है। पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप के अलावा भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में हारी थी। तीनों टूर्नामेंट में टीम की बागडोर रोहित शर्मा के हाथों में रही है। रोहित अपने नेतृत्व में अब तक भारत को एक भी आईसीसी टूर्नामेंट की ट्रॉफी नहीं दिला सके हैं।
चोकर्स का मतलब क्या होता है?
चोक शब्द से चोकर्स टैग बना है। इसका मतलब होता है अहम मौकों पर अटकना या रुक जाना। इस टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के माथे से यह टैग हटा है। अफ्रीकी टीम पर चोकर्स का ठप्पा 1999 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार के बाद लगा था। इससे पहले टीम 1992, 1996 के वर्ल्ड कप में हार गई थी।
भारत और साउथ अफ्रीका हेड-टू-हेड
टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत का सामना साउथ अफ्रीका से है। टी-20 वर्ल्ड कप में अफ्रीका के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड अच्छा है। दोनों टीमें 6 बार आमने-सामने हुईं हैं। भारत ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है। साउथ अफ्रीका 2 मैच जीता है।
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