नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पेरिस पैराओलंपिक में भारतीय तीरंदाजी दल ने शानदार शुरुआत की है। 16 वर्षीय शीतल देवी ने वुमेन्स इंडिविजुअल्स कंपाउंड आर्चरी के क्वालिफिकेशन में 720 में से 703 अंक हासिल कर इतिहास रच दिया। हालांकि ये रिकॉर्ड ज्यादा देर तक न दिक सका, शीतल अब रविवार को एक्शन में दिखाई देंगी और उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद की जा सकती है।
रैंकिंग राउंड में बनाया दिया था वर्ल्ड रिकॉर्ड
शीतल ने पहले राउंड की शुरुआत 59,59,58,56,59,57 से की थी जबकि दूसरे राउंड में 60,57,60,59,60,59 के साथ प्रदर्शन और ज्यादा निखरता गया। देखते ही देखते उन्होंने 703 अंक अर्जित करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया। हालांकि केवल एक अंक की कमी से उनका वर्ल्ड रिकॉर्ड ज्यादा देर नहीं टिक सका और तुर्की की क्यूरी गिरडी ने 704 अंको के साथ कुछ ही समय में शीतल का रिकॉर्ड तोड दिया।
एशियन पैरा गेम्स में भी चौंका चुकी हैं
शीतल देवी फोकोमेलिया नाम की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी के कारण उनके हाथ पैरों का विकास रुक गया, लेकिन उन्होंने इसे कभी इसे अपनी कमजोरी नही बनने दिया। उन्होंने अपनी शारीरिक दिव्यांगता को धता बताते हुए पिछले वर्ष चीन में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में एक ही सीजन में दो गोल्ड मेडल जीतकर सभी को चौंका दिया था। ऐसा कारनामा करने वाली शीतल पहली भारतीय महिला बनी थीं। देवी पिछले साल पैरा तीरंदाजी चैंपियलशिप में पदक जीतने वाली पहली दिंव्यांग महिला बनी थी।
अवनि लखेरा पर रहेंगी नजरें
पहले दिन की शानदार समाप्ति के बाद दूसरे दिन सबकी निगाहें अवनि लखेरा पर रहेंगी जो 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग मुकाबले में नजर आएंगी। अवनि अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेंगी। अवनि पहली ऐसी महिला एथलीट हैं जिन्होंने पैरालंपिक में भारत के लिए पहला मेडल जीता था। टोक्यो पैरालंपिक के इस कारनामें के बाद अवनि लखेरा से पेरिस पैरालंपिक में भी उच्च स्तरीय प्रदर्शन की उम्मीद होगी।




