नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। पेरिस ओलंपिक 2024 के समाप्त होने के बाद भी खेलों का उत्साह खत्म नहीं हुआ है। कुछ ही हफ़्तों में, हमें एक और अवसर मिलेगा, जब हम अपने एथलेटिक प्रदर्शन को देख सकेंगे, क्योंकि पेरिस पैरालंपिक 28 अगस्त 2024 से शुरू होगा।
इस इवेंट के लिए दुनियाभर के पैरा एथलीट तैयारी कर रहे हैं, मगर बैडमिंटन में गोल्ड मेडलिस्ट प्रमोद भगत पर बैन लगा दिया है। जिस वजह से वो पेरिस पैरालंपिक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इस बार, 4,400 से अधिक एथलीट 22 खेलों में भाग लेंगे, जिनमें 549 इवेंट शामिल होंगे। यह 11 दिनों तक चलने वाला एक शानदार इवेंट होगा।
प्रमोद भगत को क्यों किया गया बैन?
भारत से पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत को डोपिंग नियमों का उल्लंघन करने के लिए पेरिस पैरालिंपिक से बाहर कर दिया गया। बैडमिंटन विश्व संघ (BWF) के अनुसार डोपिंग टेस्ट के लिए प्रमोद उपस्थित नही हुए। इसलिए प्रमोद पर 18 महिने के लिए बैन कर दिया गया है। उनपर 1 सितंबर 2025 तक बैन है।
BWF ने सुनाया फैसला
BWF ने प्रमोद के लिए फैसला सुनाया है कि प्रमोद ने BWF के एंटी-डोपिंग नियमों के अनुच्छेद 2.4 (Whereabouts) का उल्लंघन किया है। वह 12 महीनों में तीन बार Whereabouts में विफल रहे। परिणामस्वरुप उन्हें 18 महीने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। इस फैसले के खिलाफ CAS-Division में अपील किया गया, मगर 29 जुलाई 2024 को यह अपील खारिज कर दी गई और अयोग्य घोषित करने का फैसला बरकरार रखा गया।
पोलियो से जूझकर बने गोल्ड मेडिलिस्ट
प्रमोद भगत का जन्म 1988 में हुआ वहीं 5 साल का उम्र में भगत को पोलियो हो गया था। जिससे उनके बाएं पैर को नुकसान हुआ। मगर फिर भी भगत ने हार नहीं मानी और बैडमिंटन खेलना शुरु किया। उनकी मेहनत और लगन की वजह से वो गोल्ड मेडिलिस्ट बने।
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