नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच NCP नेता शरद पवार बंगाल सरकार के पक्ष में बोले हैं। उन्होंने कहा है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के अध्यक्ष मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश में समुदायों के बीच दरार नहीं आने देंगे।
सरकार की इन मुद्दों पर है नजर
इससे पहले रविवार को नवनिर्मित सरकार ने कहा कि कि वो शेख हसीना के इस्तीफे के बाद हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के मुद्दे को देख रहे हैं। कई जगहों पर अल्पसंख्यकों पर हमले हुए। ये एक गंभीर मामला है। इसका हल निकालने के लिए हम संबंधित लोगों से बात कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में रहते हैं हिंदू
बांग्लादेश में बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं। मुख्य रूप से मुस्लिम देश होने के कारण हसीना का अवामी लीग पार्टी को बहुत सहयोग मिला था। हसीना के इस्ताफे के बाद देश में 15 साल के एकतंत्र का खात्मा हो गया है। साथ ही हिंदुओं के घरों, मंदिरों और व्यापारों को नष्ट किया जा रहा है। हसीना की सरकार जाने के बाद दो हिंदू संगठनों और अल्पसंख्यक समुदायों ने 52 जिलों में कम से कम 205 हमले झेले।
देश में फिर से सांप्रदायिक सौहार्द की मांग
यूनिटी काउंसिल के अध्यक्ष निर्मल रोसारियो ने कहा कि हमें सुरक्षा इसलिए चाहिए क्योंकि हम एक संकटपूर्ण राज्य में रह रहे हैं। हम रात में जाग रहे हैं, घरों और मंदिरों की रक्षा कर रहे हैं। मैने अपने जीवन में कभी ऐसा नहीं देखा। हम सरकार से सांप्रदायिक सौहार्द को देश में फिर से लेकर आने का आग्रह करते हैं।
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