back to top
32.9 C
New Delhi
Monday, April 6, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Delhi: उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा- समाज में परिवर्तन तब आएगा, जब हम अपने सांस्कृतिक मूल्यों का आदर करेंगे

Politics: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम की आलोचना कर राजनैतिक लाभ अर्जित करने के प्रयास को मानवता के लिए घातक बताया।

नई दिल्ली, हि.स.। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम की आलोचना का राजनैतिक लाभ अर्जित करने के प्रयास को मानवता के लिए घातक बताया। उपराष्ट्रपति ने भारतीय मूल्यों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज में परिवर्तन तब आएगा जब हम अपने सांस्कृतिक मूल्यों का आदर करेंगे। उन्होंने कहा भारतीयता और भारत हमारे लिए सर्वोपरि हैं, हमें भारतीय होने पर गर्व करना चाहिए।

धनखड़ ने विदेशों में जाकर भारत की आलोचना करने वालों पर निशाना साधा

धनखड़ ने दूसरे देशों में जाकर भारत की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बहुत अधिक प्रगति होती है तब न्यूटन के तीसरे नियम के तहत कुछ ताकतें देश की प्रगति की आलोचना करने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। किसी भी हद तक जाकर आलोचना करती हैं और देश को बदनाम करने का कुकृत्य करती हैं।

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने वाले योद्धा हमारे युवा ही बनेंगे

उपराष्ट्रपति ने कहा किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी वहां का मानव संसाधन है। देश की सांस्कृतिक विरासत भी एक बड़ी पूंजी होती है और सांस्कृतिक विरासत एक सॉफ्ट पावर के रूप में देश की तरक्की में अपनी भूमिका निभाती है।

देश के युवाओं को आगाह करते हुए धनखड़ ने कहा कि देश के युवा राष्ट्र की उन्नति के कर्णधार हैं। भारत को विकसित बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। लोकतंत्र में सबसे अधिक हितधारक हमारे युवा ही हैं। भारत की आबादी में युवाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारे देश का भविष्य में क्या स्वरूप होगा, यह देश के युवाओं के योगदान और उनकी सजगता पर निर्भर करेगा। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने वाले योद्धा हमारे युवा ही बनेंगे।

आचरण ऐसा होना चाहिए ताकि दूसरे लोग उससे कुछ सीख सकें

सांसदों के आचरण और मर्यादा को लेकर अपनी चिंता को साझा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आप अपने सांसदों से संसद में क्या उम्मीद करते हैं ? आप उम्मीद करते हैं कि हमारे सांसद वहां संवाद करेंगे, चर्चा करेंगे, गहन विचार विमर्श करेंगे और महत्वपूर्ण कानूनों के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे लेकिन इसके बदले में आपको क्या देखने को मिलता है, शोर हंगामा, आरोप-प्रत्यारोप।

हमारा आचरण ऐसा होना चाहिए ताकि दूसरे लोग उससे कुछ सीख सकें। हमें अपने आचरण से समाज के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। जिस दिन हमारे देश के युवा ठान लेंगे की चुना हुआ सांसद संविधान की अपेक्षा के अनुसार अपने कर्तव्य का पालन करेगा, उस दिन हमारे सांसदों को संविधान के अनुसार आचरण करना पड़ेगा।

Advertisementspot_img

Also Read:

Women Reservation Bill: आ गई तारीख! महिला आरक्षण बिल इस दिन लाएगी सरकार; ऐसे होगा पास, जानिए क्या है महिला आरक्षण बिल?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार की तैयारी अब तेज होती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस अहम...
spot_img

Latest Stories

Journalism Course After 12th: इंटर के बाद पत्रकारिता कैसे करें? कम फीस में बेस्ट कॉलेज और पूरा करियर गाइड

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पत्रकारिता (Journalism) में करियर बनाना (Journalism...

दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा में बड़ी चूक: गेट तोड़कर घुसी अज्ञात कार, स्पीकर की गाड़ी पर फेंकी स्याही

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को...

LPG Crisis: गैस संकट में राहत! अब बिना कनेक्शन मिलेगा छोटा सिलेंडर, लाइन की टेंशन खत्म

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली-एनसीआर में चल रहे LPG संकट...

Bangaon Dakshin सीट पर कड़ा मुकाबला, जानिए पिछले नतीजे और 2026 के चुनावी समीकरण

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से...

गर्मियों में पुदीने का सेवन करना सेहत के लिए है अच्छा, इन लोगों को जरूर खाना चाहिए

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चिलचिलाती धूप और तपती गर्मी...

असम में PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- शाही परिवार की हार की लगेगी सेंचुरी

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। असम में विधानसभा चुनाव नजदीक आते...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵