नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क। ओलंपिक खेलों में एक बार फिर से क्रिकेट की वापसी होने जा रही है। करीब 128 साल बाद अब क्रिकेट भी ओलंपिक में गोल्ड मेडल की दौड़ में शामिल होगा। 2028 में लॉस एंजिल्स में आयोजित होने वाले ओलंपिक में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में पुरुषों और महिलाओं की श्रेणी में टी20 फॉर्मेट के मैच खेले जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने मिलकर टूर्नामेंट की शुरुआती तारीखें और मेडल मैचों का शेड्यूल तय कर लिया है। हालांकि, यह अब तक तय नहीं हो पाया है कि इस टूर्नामेंट में कौन-कौन सी टीमें भाग लेंगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के प्रशंसकों को निराशा का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि दोनों टीमों के आमने-सामने आने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
भारत-पाक का आमने-सामने टकराना मुश्किल
फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुरुष वर्ग में केवल एक ही एशियाई टीम को सीधा क्वालिफिकेशन मिलेगा, जिससे भारत और पाकिस्तान दोनों का एक ही टूर्नामेंट में शामिल होना और आमने-सामने टकराना काफी मुश्किल नजर आ रहा है। पुरुषों और महिलाओं की प्रतियोगिताओं में सिर्फ छह-छह टीमें हिस्सा लेंगी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-कौन सी टीमें टूर्नामेंट में खेलेंगी और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया क्या होगी। मेजबान देश अमेरिका को सीधे क्वालिफाई करने का मौका मिलने की पूरी संभावना है, ऐसे में बाकी बचे सिर्फ पांच स्थानों को लेकर मुकाबला कड़ा हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी अब रीजनल क्वालिफिकेशन मॉडल की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका मतलब यह है कि एशिया, ओशिनिया, यूरोप और अफ्रीका जैसे हर क्षेत्र से केवल टॉप रैंकिंग वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम को ही सीधे ओलंपिक में प्रवेश मिलेगा, जबकि आखिरी एक स्थान एक विशेष क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के जरिए तय किया जाएगा।
पाकिस्तान के सामने ओलंपिक में जगह बनाने की बड़ी चुनौती
इसका सीधा मतलब यह हो सकता है कि एशिया से केवल एक टीम संभवतः भारत जो रैंकिंग में सबसे ऊपर है, वहीं सीधा क्वालिफाई कर पायेगी। ऐसे में पाकिस्तान को ओलंपिक में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर टूर्नामेंट में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। आईसीसी इस समय यह तय करने की प्रक्रिया में है कि क्वालिफिकेशन सिस्टम को कैसे लागू किया जाए। इस मुद्दे पर हाल ही में सिंगापुर में हुई वार्षिक आम सभा (AGM) के दौरान विस्तृत चर्चा हुई है।





