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Friday, March 6, 2026
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Harbhajan Singh ने ट्रोल के खिलाफ दर्ज करवाया केस, पूर्व क्रिकेटर पर लगा रहा था खालिस्तान समर्थक होने का आरोप

पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह हाल ही में सोशल मीडिया पर विवादों में आ गए हैं। एक X यूजर ने उन्हें खालिस्तान का समर्थक बताया और उन्हें चुनौती दी कि यदि वे सच्चे देशभक्त हैं, तो....

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह हाल ही में सोशल मीडिया पर विवादों में आ गए हैं। एक X यूजर ने उन्हें खालिस्तान का समर्थक बताया और उन्हें चुनौती दी कि यदि वे सच्चे देशभक्त हैं, तो ‘खालिस्तान मुर्दाबाद’ बोलकर दिखाएं। इस बयान से हरभजन सिंह भड़क गए और उन्होंने इस यूजर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब हरभजन सिंह ने 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुई हिंसा में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी पोस्ट की। इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट लेकर ‘Randomsena’ नामक X यूजर ने हरभजन सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अगर हरभजन देशभक्त हैं तो ‘खालिस्तान मुर्दाबाद’ लिखकर पोस्ट करें। हरभजन सिंह ने इस पोस्ट का कड़ा जवाब दिया और ‘Randomsena’ यूजर को मानसिक रूप से बीमार बताया। उन्होंने उस यूजर की पुरानी पोस्ट का जिक्र करते हुए पूछा कि वह किस विचारधारा का है, क्योंकि उसने अयोध्या के हिंदुओं को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

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पुलिस में शिकायत और कानूनी कार्रवाई

हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने इस यूजर की गालियों और धमकियों की रिकॉर्डिंग कर ली है और पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा और मानसिकता देश के लिए खतरनाक है। हरभजन सिंह के समर्थन में कई लोग आगे आए। एक यूजर ने लिखा, “क्या किसी को अपनी देशभक्ति साबित करने के लिए जबरन कोई बयान देना पड़ेगा? यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “लोगों को यह समझना चाहिए कि हरभजन अब सिर्फ एक पूर्व क्रिकेटर नहीं बल्कि राज्यसभा सांसद भी हैं। ऐसे बयान देने वालों को अब सावधान रहना चाहिए।

खालिस्तान की मांग क्या है?

सिख कट्टरपंथी और अलगाववादी लंबे समय से खालिस्तान नामक एक अलग देश की मांग कर रहे हैं। हालांकि, भारत में खालिस्तान आंदोलन लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन विदेशों में बैठे कुछ लोग अब भी इसे हवा देने की कोशिश कर रहे हैं। वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पंजाब के युवाओं को गुमराह करने का प्रयास करते हैं।

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