नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले ही मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट फैंस को रोमांचित कर दिया। 14 साल के इस युवा बल्लेबाज ने बिहार की ओर से ओपनिंग करते हुए अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजों का ताबड़तोड़ सामना किया। रांची में खेले जा रहे इस मैच में वैभव ने सिर्फ 36 गेंदों में शतक पूरा कर लिया, जिसमें उन्होंने 10 चौके और 8 छक्के जड़े। उनकी पारी की खास बात यह रही कि यह शतक उन्होंने अपने हीरो एमएस धोनी के शहर रांची में लगाते हुए अपने क्रिकेट करियर का एक नया अध्याय लिखा।
अंडर-19 एशिया कप का झटका भुलाया
वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान से मिली हार को भुलाते हुए विजय हजारे ट्रॉफी में धमाकेदार वापसी की। उनकी आक्रामक पारी ने दर्शकों और आलोचकों दोनों को चौंका दिया। इस पारी में उन्होंने सिर्फ शतक ही नहीं बनाया, बल्कि मैच को पूरी तरह अपने पक्ष में करने का संदेश भी दिया। उनकी इस तूफानी पारी से बिहार टीम को बड़े स्कोर की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
36 गेंदों पर शतक और रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी का यह शतक विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे तेज शतक माना जा रहा है। उन्होंने सिर्फ 36 गेंदों में 100 रन पूरे किए, जो इस उम्र में किसी खिलाड़ी के लिए असाधारण उपलब्धि है। इस शतकीय पारी में उनके 10 चौके और 8 छक्के शामिल थे। यह उनका टूर्नामेंट में पहला शतक है, लेकिन इतना ही नहीं, इसके साथ ही उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
टूर्नामेंट में वैभव का प्रदर्शन
वैभव सूर्यवंशी का यह 7वां विजय हजारे ट्रॉफी मैच है। पिछले सीजन में उन्होंने 6 मुकाबले खेले थे, जिसमें उन्होंने कुल 132 रन बनाए थे और उनका बेस्ट स्कोर 71 रन रहा था। लेकिन इस बार पहले ही मैच में उन्होंने पिछले सभी मैचों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस पारी ने वैभव को टूर्नामेंट के सबसे चर्चित युवा सितारों में शामिल कर दिया है।
भविष्य की संभावनाएं और प्रशंसा
वैभव सूर्यवंशी की इस पारी ने उनके भविष्य के लिए भी रास्ते खोल दिए हैं। युवा खिलाड़ी के आक्रामक खेल और तेज रफ्तार शतक ने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों दोनों को प्रभावित किया। उनके तेजतर्रार स्ट्रोक और आक्रामक शैली को देखते हुए माना जा रहा है कि वैभव आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा नाम बन सकते हैं।
रांची में धूम मचा दी
रांची के मैदान में वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह से अरुणाचल प्रदेश की गेंदबाजी लाइनअप को तहस-नहस किया, उसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। यह पारी ना सिर्फ वैभव की प्रतिभा का परिचायक है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी उम्मीद जगाती है। उनके इस शतक की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और फैंस उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में इतिहास रचते हुए रांची में क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। उनका तेजतर्रार शतक और आक्रामक खेल उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बनाता दिख रहा है।





