नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को साफ संदेश दिया है। उनका कहना है कि मैचों को भारत से बाहर कराने की मांग करने के बजाय, इस टूर्नामेंट को दोनों देशों के रिश्तों को सुधारने का सुनहरा मौका मानना चाहिए। वासन ने जोर देकर कहा कि क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि संबंधों और समझदारी का पुल भी बन सकता है। उनके इस बयान ने विवाद के बीच एक सकारात्मक दृष्टिकोण पेश किया है, जो फैंस और खिलाड़ियों दोनों के लिए उम्मीद जगाता है।
अतुल वासन की बांग्लादेश को नसीहत
बातचीत में अतुल वासन ने स्पष्ट किया कि भारत में सुरक्षा को लेकर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भारत में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं और ICC स्तर के टूर्नामेंट में कोई चूक की गुंजाइश नहीं रहती। वासन की यह टिप्पणी न केवल आश्वस्तिकर है, बल्कि बांग्लादेश और अन्य टीमों के खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल का भरोसा भी देती है।
खेल का मकसद संबंध मजबूत बनाना हो- अतुल वासन
पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन ने खास तौर पर बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कप्तानी को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए। वासन ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश को समझना चाहिए कि उनके कप्तान हिंदू हैं, और इस तथ्य का इस्तेमाल दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, न कि विवाद और बढ़ाने के लिए। उनका मानना है कि खेल का असली मकसद संबंधों और समझदारी का पुल बनाना होना चाहिए।
7 फरवरी से शुरू होगा वर्ल्ड कप
गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से करेंगे। अब आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बांग्लादेश अपने रुख पर कायम रहता है या फिर ICC के साथ कोई बीच का रास्ता निकलता है। टूर्नामेंट की सफलता और फैंस की उत्सुकता इसी पर काफी हद तक निर्भर करेगी।





