नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं। केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने उन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। केसीए ने यह निर्णय 30 अप्रैल को कोच्चि में हुई अपनी आमसभा की विशेष बैठक के दौरान लिया। एसोसिएशन के मुताबिक, यह फैसला झूठी खबर फैलाने और अपमानजनक टिप्पणी करने पर लिया गया है। श्रीसंत अब केरल में किसी भी क्रिकेट की गतिविधि में कोई काम नहीं कर सकेंगे।
श्रीसंत इस समय केरल क्रिकेट लीग में कोल्लम एरीस नाम की टीम के सह-मालिक हैं। ऐसे में यह प्रतिबंध उनकी क्रिकेट से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों पर भी असर डाल सकता है। श्रीसंत पहले भी मैच फिक्सिंग मामले के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे थे और 2021 में उन्होंने घरेलू क्रिकेट के जरिए वापसी की थी। अब ताजा कार्रवाई ने उनके क्रिकेट करियर को एक बार फिर मुश्किल मोड़ पर ला खड़ा किया है।
KCA ने क्यों लगाया श्रीसंत पर बैन? जानिए पूरा मामला
दरअसल, श्रीसंत ने हाल ही में 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को शामिल न किए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी। इस मुद्दे पर एक मलयालम टीवी चैनल पर चर्चा के दौरान उन्होंने संजू के समर्थन में खुलकर बयान दिया। उन्होंने केसीए पर कथित रूप से पक्षपात और सही समर्थन न देने का आरोप लगाया। केसीए ने श्रीसंत के इन बयानों को झूठा, भ्रामक और अपमानजनक करार दिया।
एसोसिएशन का कहना है कि श्रीसंत ने सार्वजनिक मंच से ऐसे आरोप लगाए जो संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। इस पूरे मामले को लेकर केसीए ने पहले एस. श्रीसंत को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया था कि यह नोटिस संजू सैमसन का समर्थन करने के कारण नहीं, बल्कि केसीए के खिलाफ किए गए भ्रामक और अपमानजनक बयानों के चलते भेजा गया था। हालांकि नोटिस मिलने के बावजूद श्रीसंत अपने रुख पर कायम रहे और बाद में एक इंटरव्यू में केसीए की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा था, “वे अन्य राज्यों से खिलाड़ियों को लाकर केरल की टीम में शामिल करते हैं, किसलिए? क्या हमारे मलयाली क्रिकेटरों का अपमान करने के लिए?”
गौरतलब है कि संजू सैमसन ने विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 की शुरुआत से पहले केरल टीम के अभ्यास शिविर में शामिल होने में असमर्थता जताई थी। इसी वजह से उन्हें इस बार विजय हजारे ट्रॉफी के लिए केरल की टीम में शामिल नहीं किया गया। माना जा रहा है कि केसीए के इस निर्णय का असर संजू सैमसन के चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चयन की संभावनाओं पर भी पड़ा। वहीं, विवादास्पद बयानों को लेकर न सिर्फ एस. श्रीसंत, बल्कि कोल्लम टीम, अलपुझा टीम के लीड कंटेंट क्रिएटर साई कृष्णन और अलपुझा रिपल्स को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
KCA ने बयान में क्या कहा ?
बयान में कहा गया है कि फ्रेंचाइजी टीमों ने कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक उत्तर दिया, इसलिए उनके खिलाफ किसी तरह की आगे की कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में टीम प्रबंधन से जुड़े सदस्यों की नियुक्ति करते समय विशेष सावधानी बरती जाएगी। इसके साथ ही, यह भी उल्लेख किया गया कि संजू सैमसन का नाम लेकर बेबुनियाद आरोप लगाने के मामले में सैमसन के पिता सैमसन विश्वनाथ और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मुआवजे का दावा दायर किया जाएगा।
ऐसा रहा एस. श्रीसंत का क्रिकेट करियर
42 वर्षीय एस. श्रीसंत का करियर मैदान के अंदर और बाहर दोनों ही जगहों पर चर्चा में रहा है। आईपीएल 2013 के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के चलते उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि, 2020 में बीसीसीआई के लोकपाल द्वारा इस प्रतिबंध को घटाकर सात साल कर दिया गया। श्रीसंत भारतीय क्रिकेट इतिहास के दो ऐतिहासिक क्षणों का हिस्सा रहे हैं। 2007 का टी20 विश्व कप और 2011 का वनडे विश्व कप, दोनों में भारत विजेता बना था। खासकर 2007 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने पाकिस्तान के मिस्बाह-उल-हक का निर्णायक कैच पकड़कर टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में श्रीसंत ने भारत के लिए 27 टेस्ट, 53 वनडे और 10 टी20 मुकाबले खेले, जिनमें कुल 169 विकेट अपने नाम किए। आईपीएल में उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) से डेब्यू किया था और बाद में कोच्चि टस्कर्स तथा राजस्थान रॉयल्स का भी हिस्सा रहे। आईपीएल के 44 मुकाबलों में उन्होंने 29.9 की औसत से 40 विकेट हासिल किए।




