नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैदान पर चल रहा नो हैंड शेक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार विवाद की जड़ बने हैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी, जिनका तीखा और बौखलाया हुआ बयान सामने आते ही बवाल मच गया। नकवी के इस बयान ने पहले से तनावपूर्ण भारत-पाक क्रिकेट रिश्तों में और आग डालने का काम किया है।
”भारत अलग रुख अपनाए और पाकिस्तान चुपचाप सब सहता रहे?”
लाहौर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोहसिन नकवी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर भारतीय टीम मैदान पर हाथ नहीं मिलाना चाहती, तो पाकिस्तान को भी इसकी कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, अगर भारत हाथ नहीं मिलाना चाहता, तो पाकिस्तान भी पीछे हटने वाला नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यवहार बराबरी का ही होगा। नकवी ने यह भी जोड़ा कि ऐसा नहीं हो सकता कि भारत अलग रुख अपनाए और पाकिस्तान चुपचाप सब सहता रहे।
हालांकि नकवी ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान की आधिकारिक सोच हमेशा से यही रही है कि क्रिकेट को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने भी उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेल को राजनीतिक तनाव से प्रभावित नहीं होने देना चाहिए। इसके बावजूद नकवी ने यह स्पष्ट कर दिया कि मैदान पर जो रवैया देखने को मिल रहा है, उसी के आधार पर आगे का रुख तय किया जाएगा।
घटनाक्रम ने दोनों टीमों के बीच तनाव को और उजागर कर दिया
गौरतलब है कि नो हैंड शेक ट्रेंड भारत और पाकिस्तान के बीच सितंबर में हुए मेंस एशिया कप के बाद से लगातार देखने को मिल रहा है। इसकी पृष्ठभूमि अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसके बाद दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर औपचारिक हाथ मिलाने की परंपरा टूट गई। इसके बाद महिला वर्ल्ड कप, अंडर-19 मेंस एशिया कप और दोहा में खेले गए राइजिंग स्टार्स एशिया कप में भी खिलाड़ी बिना हैंडशेक के नजर आए।
हाल ही में खेले गए अंडर-19 एशिया कप फाइनल में भी भारत-पाक मुकाबले के दौरान माहौल काफी गर्म रहा। मैच के दौरान पाकिस्तानी गेंदबाज अली रजा और भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे के बीच तीखी बहस हुई, वहीं बाद में अली रजा और वैभव सूर्यवंशी के बीच भी तनातनी देखने को मिली। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों टीमों के बीच तनाव को और उजागर कर दिया।
सरफराज का बयान भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा
इस विवाद पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने खिलाड़ियों को संयम बरतने की सलाह दी थी, लेकिन उनके मुताबिक भारतीय खिलाड़ी जरूरत से ज्यादा भावुक नजर आए। सरफराज का यह बयान भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा।
मोहसिन नकवी इससे पहले भी ट्रॉफी विवाद को लेकर सवालों के घेरे में आ चुके हैं। मेंस एशिया कप फाइनल में भारत की जीत के बाद मैदान पर ट्रॉफी नहीं दिए जाने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। आरोप लगे कि नकवी ट्रॉफी लेकर स्टेडियम से चले गए। हालांकि नकवी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष के तौर पर सभी नियमों और प्रोटोकॉल का पालन किया है और भारतीय कप्तान या BCCI का प्रतिनिधि ACC ऑफिस आकर ट्रॉफी प्राप्त कर सकता है।




