नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आईपीएल 2026 का मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर को अबू धाबी में होने जा रहा है। इस बार ऑक्शन में कुल 359 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें से 77 खिलाड़ियों को 10 टीमों द्वारा खरीदा जा सकेगा। इसमें कुल 31 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। आईपीएल के नए नियम के अनुसार, किसी भी विदेशी खिलाड़ी को अधिकतम 18 करोड़ रुपए ही मिल पाएंगे, चाहे उस पर ऑक्शन में कितनी भी बोली लगी हो।
अधिकतम शुल्क नियम (Maximum Fee Rule)
आईपीएल नियमों के तहत विदेशी खिलाड़ियों की अधिकतम कीमत हाईएस्ट रिटेंशन स्लैब और पिछले मेगा ऑक्शन में सबसे ज्यादा बिके खिलाड़ी की कीमत में से कम राशि के अनुसार तय होती है। इस बार हाईएस्ट रिटेंशन स्लैब 18 करोड़ रुपए था, जबकि पिछले मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे, जिन्हें 27 करोड़ रुपए मिले थे। इसलिए इस बार किसी विदेशी खिलाड़ी को ऑक्शन में कितनी भी बोली लगे, उन्हें अधिकतम 18 करोड़ रुपए ही मिलेंगे।
ज्यादा बोली पर पैसे BCCI के पास जाएंगे
अगर किसी टीम ने किसी विदेशी खिलाड़ी के लिए 20 करोड़ रुपए की बोली लगाई, तो खिलाड़ी को अधिकतम 18 करोड़ रुपए ही मिलेंगे। बाकी की दो करोड़ रुपए की राशि BCCI द्वारा खिलाड़ियों के कल्याण और विकास में उपयोग की जाएगी। हालांकि टीम के बजट से पूरी बोली कट जाएगी। यह नियम टीमों और खिलाड़ियों दोनों के लिए पारदर्शिता और वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
टीमें और उनके पास बची रकम
मिनी ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स के पास सबसे ज्यादा 64.30 करोड़ रुपए की रकम बची हुई है। दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स के पास 43.40 करोड़ रुपए बची हुई है। इसका मतलब है कि दोनों टीमें बड़ी रकम खर्च करके अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को खरीद सकती हैं। मिनी ऑक्शन में ये टीमें रणनीतिक रूप से विदेशी और घरेलू खिलाड़ियों पर अपनी बोली लगा सकती हैं, लेकिन विदेशी खिलाड़ियों के लिए 18 करोड़ की अधिकतम सीमा एक चुनौती साबित होगी।
IPL 2026: उत्साह और रणनीति का मेल
आईपीएल 2026 का मिनी ऑक्शन क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांचक होने वाला है। इस बार टीमों को बजट और नियमों का संतुलन रखते हुए रणनीति बनानी होगी। विदेशी खिलाड़ियों की अधिकतम फीस सीमा और बची रकम के आधार पर टीमें अपनी टीम मजबूत करने की कोशिश करेंगी। BCCI का यह कदम खिलाड़ियों के हित और लीग के वित्तीय संतुलन को बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
मिनी ऑक्शन के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम अपने बजट और रणनीति के अनुसार बड़े नामों को टीम में शामिल करती है और किस टीम की बोली सबसे रणनीतिक साबित होती है।




