नई दिल्ली, रफ्तार। टी-20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद भारत और पाकिस्तान का सामना चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में होना है। इस टूर्नामेंट की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है, जहां अपने खिलाड़ियों को भेजने से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इनकार कर दिया है। इसके पीछे की वजह भारतीय खिलाड़ियों की सुरक्षा है। भारत ने पाकिस्तानी सरजमीं पर आखिरी बार 2006 में टेस्ट मैच, 2008 में एशिया कप खेला था। तब पाकिस्तानी दर्शकों ने भारतीय खिलाड़ियों को काफी परेशान किया था। पाकिस्तान खिलाड़ी और हरभजन सिंह में भी तनाव पैदा हो गया था। इससे बड़ा विवाद 1989 में हुआ था। उस वक्त भारतीय टीम के कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत के साथ पाक दर्शक ने हाथापाई और मारपीट की थी।
1989 का क्या है पूरा मामला?
भारतीय क्रिकेटरों पर पाकिस्तान में हमले हो चुके हैं। 1989 में कराची में खेले गए टेस्ट मैच में तत्कालीन भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत पर हमला किया गया था। फील्डरों को धमकाया गया था। उसी मैच में 16 वर्षीय सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। बताया जाता है कि मैच के दौरान पाकिस्तान में कुछ पाक दर्शक बीच मैदान पर आकर भारतीय फील्डरों को धमका रहे थे तो कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने दखल दिया। इस पर पाक दर्शकों ने श्रीकांत के साथ हाथापाई और मारपीट की थी। घटना के वक्त पूर्व कप्तान कपिल देव भी मैदान पर थे।
मो. अजहरुद्दीन पर मेटल के हुक से किया था हमला
उस वक्त टीम मैनेजर चंदू बोर्डे इस घटना का जिक्र कर चुके हैं। चंदू ने बताया था कि पाकिस्तान में मो. अजहरुद्दीन पर मेटल के हुक से हमला किया गया था। इस तरह के विवादों से जुझते हुए इंडिया के खिलाड़ी भारत लौटे। बता दें, दिसंबर 2012 से जनवरी 2013 तक भारत में द्विपक्षीय सीरीज भी भारत और पाकिस्तान के बीच अंतिम द्विपक्षीय सीरीज थी। तब से दोनों देश केवल ICC टूर्नामेंट और एशिया कप में ही आमने-सामने हुए हैं।अन्य खबरों के लिए क्लिक करें :- www.raftaar.in




