नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। कुछ वर्षों तक भारतीय क्रिकेट बोर्ड पर शासन करने वाली प्रशासकों की समिति (सीओए) के पूर्व प्रमुख विनोद राय ने अपनी नई किताब में एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि उन्होंने टीम के पूर्व मुख्य कोच अनिल कुंबले को अनुबंध विस्तार के बारे में समझाया था, जो उन्हें क्यों नहीं दिया गया था। राय ने अपनी किताब नॉट जस्ट ए नाइटवॉचमैन माई इनिंग्स विद बीसीसीआई में लिखा, मैंने उन्हें समझाया कि 2016 में उनके पहले के चयन में भी एक प्रक्रिया का पालन किया गया था और उनके एक साल के अनुबंध में कोई विस्तार नहीं किया गया था, हम उनकी पुन: नियुक्ति के लिए भी प्रक्रिया का पालन करने के लिए बाध्य थे और ठीक यही किया गया था। कुंबले को जून 2016 में सीएसी द्वारा एक साल के कार्यकाल पर भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में नियुक्त किया गया था। हालांकि, उनके और तत्कालीन कप्तान विराट कोहली के बीच एक अफवाह के बाद कार्यकाल कम कर दिया गया था। राय ने हालांकि महसूस किया कि दोनों सज्जनों ने मुद्दों पर गरिमापूर्ण चुप्पी बनाए रखी। राय ने अपनी पुस्तक में लिखा, कप्तान कोहली का सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखना वास्तव में बहुत ही विवेकपूर्ण है। उनके किसी भी कथन से विचारों का एक समूह स्थापित हो जाता। कुंबले ने भी अपनी ओर से खुद को बनाए रखा और किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक नहीं हुए। यह उस स्थिति से निपटने का सबसे परिपक्व और सम्मानजनक तरीका था, जो इसमें शामिल सभी पक्षों के लिए अप्रिय हो सकता था है। राय ने अपनी पुस्तक में दावा किया, कप्तान और टीम प्रबंधन के साथ मेरी बातचीत में यह बताया गया कि कुंबले बहुत अधिक अनुशासक थे और इसलिए टीम के सदस्य उनसे बहुत खुश नहीं थे। उन्होंने आगे कहा, मैंने इस मुद्दे पर विराट कोहली से बात की थी और उन्होंने उल्लेख किया था कि टीम के युवा सदस्य उनके साथ काम करने के तरीके से अच्छा महसूस नहीं करते हैं। –आईएएनएस आरजे/एएनएम




