नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज और टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले जेम्स एंडरसन को ब्रिटिश शाही परिवार की सदस्य प्रिंसेस ऐन ने विंडसर कैसल में नाइटहुड (सर) की उपाधि से सम्मानित किया। 43 वर्षीय एंडरसन को यह सम्मान पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की अप्रैल 2024 की “रिजाइनेशन ऑनर्स लिस्ट” में शामिल किए जाने के बाद प्रदान किया गया। उन्हें क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान के लिए यह उपाधि दी गई है। लंकाशायर क्रिकेट क्लब ने एक्स पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा “सर जेम्स एंडरसन! जिम्मी के लिए खास दिन, जब उन्हें विंडसर कैसल में प्रिंसेस ऐन से नाइटहुड मिला। अब तक के सबसे महान तेज गेंदबाज।”
टेस्ट इतिहास के महान पेसर है जेम्स एंडरसन
जेम्स एंडरसन ने जुलाई 2024 में लॉर्ड्स में खेले गए अपने अंतिम टेस्ट मैच के साथ 21 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा। 188 टेस्ट मैचों में 704 विकेट लेकर एंडरसन टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल तेज गेंदबाज बने हुए हैं। विकेटों की सूची में उनसे आगे केवल दो दिग्गज स्पिनर हैं – श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन (800) और ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न (708)। टेस्ट के अलावा एंडरसन ने वनडे क्रिकेट में भी गहरी छाप छोड़ी, जहां उन्होंने 269 विकेट अपने नाम किए, जो आज भी इंग्लैंड के लिए एक रिकॉर्ड है। उनका आखिरी वनडे मुकाबला वर्ष 2015 में खेला गया था।
रिटायरमेंट के बाद भी एक्टिव एंडरसन
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी जेम्स एंडरसन ने खेल से दूरी नहीं बनाई। 2024 सीजन में उन्होंने अपनी काउंटी टीम लंकाशायर के लिए खेलना जारी रखा और लगभग एक दशक बाद T20 क्रिकेट में वापसी की। एंडरसन ने ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट में मैनचेस्टर ओरिजिनल्स की ओर से वाइल्डकार्ड कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया, जहां उन्होंने अपने अनुभव और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। अब वे 2025 सीजन के लिए भी अपनी काउंटी करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जिसको लेकर लंकाशायर प्रबंधन से बातचीत जारी है।
‘सर’ उपाधि पाने वाले इंग्लैंड के 15वें क्रिकेटर बने जेम्स एंडरसन
जेम्स एंडरसन अब इंग्लैंड के 15वें क्रिकेटर बन गए हैं जिन्हें नाइटहुड की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस के बाद अब जाकर किसी इंग्लिश क्रिकेटर को यह सम्मान प्राप्त हुआ है। एंडरसन से पहले उनके पूर्व साथी एलिस्टर कुक को भी यह उपाधि दी जा चुकी है, जिससे यह साबित होता है कि इंग्लैंड क्रिकेट में एंडरसन का योगदान भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है।





