नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क/ बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने खिलाड़ियों के लिए 10-सूत्रीय अनुशासनात्मक दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य टीम संस्कृति को अधिक पेशेवर और एकजुट बनाना है। खिलाड़ियों पर दौरे के दौरान निजी स्टाफ और अन्य निजी व्यवस्थाओं पर रोक लगाई गई है।
BCCI का यह फैसला इंग्लैंड के खिलाफ लिमिटेड ओवरों की सीरीज और फरवरी में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी से ठीक पहले आया है। यही कारण है कि अब टीम इंडिया के खिलाड़ियों को बीसीसीआई के इन नियमों से निश्चित रूप से परेशानी बढ़ने वाली है। ऐसे में आइए जानते हैं बीसीसीआई के 10-सूत्री नीति में कौन-कौन से है ये नए नियम
1. घरेलू क्रिकेट में भागीदारी अनिवार्य
खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम के चयन के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य है। इससे घरेलू क्रिकेट मजबूत होगा और नए खिलाड़ियों को वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलेगा।
2. फैमिली के साथ यात्रा पर रोक
BCCI की 10 सूत्री नियम में यह साफ तौर से कहा गया है कि खिलाड़ी मैच और प्रैक्टिस सेशन के लिए सिर्फ टीम के साथ ही यात्रा कर पाएंगे। बीसीसीआई का मानना है यह टीम में एकजुटता के लिए कारगर साबित होगी। वहीं अगर किसी कारणवश किसी खिलाड़ी की फैमिली साथ में सफर रही है तो उसके लिए कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ता अजीत अगरकर से अनुमति लेनी होगी।
3. सामान की सीमा
BCCI के नए नियम के तहत अब खिलाड़ी अपने साथ एक तय सीमा तक ही सामान ले जा पाएंगे। बीसीसीआई एक खिलाड़ी को अपने साथ 150 किलो तक सामान लेने जाने की अनुमति देगा, लेकिन अगर इससे ज्यादा सामान होता है तो खिलाड़ी को उसका वहन यानी खर्च खुद ही उठाना होगा।
4. निजी स्टाफ पर रोक
BCCI ने अपनी नीति में तक साफ कहा है कि किसी भी दौरे के दौरान निजी प्रबंधक, शेफ, सहायक या सुरक्षा गार्ड साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। इससे पहले भी हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी अपने साथ पर्सनल शेफ ले जाने को लेकर चर्चा में रहे थे।
5. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उपकरण भेजना
खिलाड़ियों को अपने उपकरण बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में टीम प्रबंधन से समन्वय करके भेजने होंगे। अगर कोई खिलाड़ी उपलब्ध व्यवस्थाओं के अतिरिक्त कुछ सुविधा चाहता है तो उसका खर्च उसे खुद उठाना होगा। माना जाता है कि कुछ सीनियर एनसीए में आने से पहले ही अपने उपकरण या किट को भेज देते हैं। ऐसे में उसके रख रखाव की जिम्मेदारी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की बढ़ जाती है, जिसके लिए प्लेयर किसी तरह का भुगतान नहीं करते हैं। लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे।
6. अभ्यास सत्र में भागीदारी अनिवार्य
खिलाड़ियों को निर्धारित अभ्यास सत्र में पूरी तरह भाग लेना होगा। कई बार खिलाड़ी निजी कारणों का हवाला देते हुए लंबे प्रैक्टिस सेशन में शामिल होने से बचते थे, लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए यह तय किया जाएगा कि किसे छूट मिलेगी और किसे नहीं।
7. व्यक्तिगत शूट पर प्रतिबंध
सीरीज या टूर के दौरान खिलाड़ी किसी भी व्यक्तिगत शूट या एड शूट में शामिल नहीं हो सकते।
8. सीरीज खत्म होने पर अब नहीं मिलेगी छुट्टी
बता दें कि अगर कोई सीरीज जल्दी खत्म हो जाती है, तो खिलाड़ी अपने-अपने घर या छुट्टियों पर चले जाते हैं। अब से नए नियम के मुताबिक अब जब तक सीरीज की समय अवधि पूरी नहीं होती है खिलाड़ी टीम का साथ नहीं छोड़ पाएंगे।
9. नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
बीसीसीआई ने साफ किया है कि इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। जिसमें संबंधित खिलाड़ी को आईपीएल सहित बीसीसीआई द्वारा आयोजित सभी टूर्नामेंटों में भाग लेने से रोक लगाया जा सकता है। इसके अलावा कार्रवाई के तरत सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और आईपीएल रिटेनर की रकम या मैच फीस से कटौती भी की जा सकती है।
10. टीम के साथ रहना अनिवार्य
खिलाड़ी को दौरे के अंत तक टीम के साथ रहना होगा, भले ही श्रृंखला जल्दी खत्म हो जाए।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी हार के बाद समीक्षा बैठक
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम की हार के बाद बीसीसीआई ने समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में कप्तान रोहित शर्मा, कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने भाग लिया। टीम के प्रदर्शन को सुधारने के लिए यह नियम लागू किए गए हैं।




