नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । एशिया कप 2025 की शुरुआत टीम इंडिया के लिए बेहद शानदार रही, जहां भारत ने यूएई को 9 विकेट से हराकर टूर्नामेंट का विजयी आगाज किया। इस मुकाबले में सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहे टीम इंडिया के ऑलराउंडर शिवम दुबे, जिन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से सभी को चौंका दिया। दुबे ने महज 2 ओवर में केवल 4 रन देकर 3 विकेट चटकाए और विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। उनके इस शानदार प्रदर्शन के बाद एक बार फिर उनकी तुलना हार्दिक पंड्या से की जाने लगी। हालांकि, इस तुलना पर खुद शिवम दुबे ने सफाई देते हुए बड़ा बयान दिया है।
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में दुबे ने कहा, “हार्दिक मेरे लिए भाई जैसे हैं। मैं उनसे लगातार सीखता हूं। उनके पास इंटरनेशनल और आईपीएल का बहुत अनुभव है। मेरी तुलना उनसे करना सही नहीं है, क्योंकि मैं अभी सीखने के दौर में हूं। मेरा पूरा फोकस यही है कि उनके अनुभव से कुछ सीखूं और खुद को बेहतर बनाऊं।” शिवम दुबे के इस जवाब से साफ है कि वे खुद को लेकर काफी स्पष्ट हैं और फिलहाल अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ना कि किसी तुलना पर।
भारतीय टीम के लिए अहम खिलाड़ी बनकर उभरे
शिवम दुबे ने बीते कुछ महीनों में खुद को भारतीय टीम के लिए एक बहुआयामी और भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में साबित किया है। बल्लेबाजी में उनकी पावर-हिटिंग पहले से ही उनकी पहचान रही है, लेकिन अब वह गेंदबाजी में भी उपयोगी विकल्प बनकर उभर रहे हैं। यूएई के खिलाफ उनके गेंदबाजी प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह बिल्कुल सही साबित हो रहा है।
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले पर सबकी निगाहें टिकी हैं
भारत का अगला मैच 14 सितंबर को दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले शिवम दुबे ने अपनी मानसिकता का खुलासा किया। उन्होंने कहा, “चाहे मैं किसी भी टीम के खिलाफ खेलूं, मेरी कोशिश यही रहती है कि गंभीर भाई (कोच) और कप्तान सूर्यकुमार यादव की सिखाई हुई बातों को पूरी तरह अपनाऊं। भारत के लिए खेलना मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है।” अब फैंस की उम्मीदें शिवम दुबे से और बढ़ गई हैं कि वे पाकिस्तान के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से दमदार प्रदर्शन करेंगे।
बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल की सलाह का असर
शिवम दुबे ने अपनी गेंदबाजी में आए सुधार का पूरा श्रेय भारतीय टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल को दिया है। दुबे ने बताया कि मोर्कल ने उनका रनअप छोटा करने और ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी करने की सलाह दी, जिसका असर अब साफ नजर आ रहा है। साथ ही, उन्होंने पिछले दो महीनों में अपनी फिटनेस पर भी विशेष ध्यान दिया है, जिससे उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में निखार आया है। फिलहाल, शिवम दुबे टीम इंडिया के लिए एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में उभर रहे हैं। भले ही उनकी तुलना हार्दिक पंड्या से की जाती हो, लेकिन शिवम दुबे खुद अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं। अगर उनका यह प्रदर्शन इसी तरह बना रहा, तो एशिया कप और आगामी वर्ल्ड कप में भारत को एक नया मैच-विनर जरूर मिलेगा।




