नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। एशिया कप 2025 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की घोषणा के बाद से चयन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जहां इस बार टीम में मिडिल ऑर्डर के अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को न सिर्फ बाहर रखा गया है, बल्कि उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों में भी शामिल नहीं किया गया, जिससे क्रिकेट फैंस और पूर्व खिलाड़ी हैरान हैं।
टीम में दो स्लॉट खाली, फिर भी नहीं चुने गए अय्यर
गौरतलब है कि, इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों को 17 खिलाड़ियों के चयन की अनुमति दी गई है। जिसमें पाकिस्तान और हांगकांग पहले ही 17 सदस्यीय टीम का ऐलान कर चुके हैं। अब भारत ने सिर्फ 15 खिलाड़ियों का चयन कर सभी को चौंका दिया है। इससे फैंस का सवाल है कि जब दो अतिरिक्त खिलाड़ियों की जगह उपलब्ध थी, तो फिर श्रेयस अय्यर जैसे अनुभवी खिलाड़ी को क्यों नहीं चुना गया?
हालांकि विवाद यहीं खत्म नहीं होता. अब खुलासा हुआ है कि एशिया कप के लिए टीम चुनने के नियमों के तहत 17 सदस्यीय स्क्वॉड की अनुमति थी, जबकि भारत ने सिर्फ 15 खिलाड़ियों का ही चयन किया है। यही बात आलोचना की सबसे बड़ी वजह बन गई है, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
क्या कहती है नियमावली?
एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने एशिया कप के लिए सभी टीमों को 17 सदस्यीय स्क्वॉड चुनने की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य टीमों को अधिक विकल्प देना और अचानक चोट या खराब प्रदर्शन की स्थिति में बैकअप उपलब्ध कराना है। अन्य देशों ने इस नियम का पालन करते हुए अपनी पूरी क्षमता के साथ टीम बनाई है।
भारत की टीम में क्यों कम खिलाड़ी?
भारतीय टीम के केवल 15 खिलाड़ियों के चयन का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। बीसीसीआई ने इस विषय पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 15 खिलाड़ियों के साथ टीम चुनने का मतलब है कि टीम के पास उतने विकल्प नहीं होंगे, जितने 17 खिलाड़ियों के स्क्वॉड में होते। इससे टीम की रणनीति और बैलेंसिंग पर असर पड़ सकता है। विशेष रूप से श्रेयस अय्यर जैसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को इस बार मौका नहीं मिला है। इसके अलावा, स्पिन और मध्यक्रम में विकल्प सीमित हो सकते हैं, जो भारत की प्रदर्शन क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
अन्य टीमों का रुख
सूत्रों के अनुसार श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ओमान और यूएई अपनी-अपनी 17 सदस्यीय टीमों का ऐलान जल्द ही करेंगे। ऐसे में भारत का 15 सदस्यीय फैसला और भी असामान्य लगता है। बाकी देश नियम का पूरा पालन करते हुए अपनी पूरी ताकत दिखाने की तैयारी में हैं।
चयन समिति पर सवाल
अब सवाल उठ रहा है कि क्या भारतीय चयन समिति ने स्वतंत्र रूप से यह फैसला लिया या यह निर्देश बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों ने दिया है। इस मामले में सोशल मीडिया पर चर्चा और आलोचना बढ़ गई है। कई फैंस और क्रिकेट विश्लेषक इस निर्णय को सही नहीं मान रहे हैं और टीम प्रबंधन से स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं।
आगे की क्या संभावना?
यदि जरूरत पड़ी तो बीसीसीआई को अतिरिक्त खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए ACC से अनुमति लेनी होगी, जो टीम की तैयारियों में बाधा डाल सकता है। टीम की मजबूती और प्रदर्शन पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में पूरी ताकत के साथ उतरना हर टीम का मकसद होता है। ऐसे में 17 सदस्यीय स्क्वॉड की सुविधा को नजरअंदाज कर भारत का 15 खिलाड़ियों का चयन न सिर्फ टीम की रणनीति पर सवाल उठाता है बल्कि फैंस और विशेषज्ञों की उम्मीदों पर भी पानी फेरता है।




