नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड को लेकर चल रहा विवाद अब गर्माया हुआ है। वहीं इस दौरान अब पेरिस ओलंपिक्स 2024 में भारत को 2 मेडल दिलाने वाली एथलीट मनु भाकर की प्रतिक्रिया सामने आई है। खेल रत्न पुरस्कार को लेकर चल रही चर्चा के बीच मनु ने अपना बयान जारी किया है।
भारत की स्टार एथलीट मनु भाकर ने खेल रत्न अवार्ड के लिए किए गए नॉमिनेशन लिस्ट में अपना नाम ना आने के विवाद पर अपना पहला बयान जारी किया है। बता दें कि, मनु भाकर का नाम खेल रत्न अवॉर्ड की लिस्ट में नाम नहीं होने से विवाद गरमाया हुआ है और कई प्रकार के सवाल उठाए जा रहे है। तमाम दावों के बीच मनु भाकर ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है। इस बीच मनु ने कहा है कि, मेरा लक्ष्य कभी अवॉर्ड जीतना नहीं रहा बल्कि हमेशा देश का नाम ऊंचा करना और देश का मान बढ़ाना रहा है। इसके साथ ही उन्होंने नॉमिनेशन को लेकर कहा कि शायद हमारी तरफ से ही आवेदन के समय पर कुछ गलती रही होगी।
मनु भाकर ने की खास अपील
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट को शयर कर बड़ा खुलासा किया है, उन्होनें बताया है कि, “मेरे खेल रत्न अवार्ड के लिए नॉमिनेशन की चर्चा के बीच मैं कहना चाहूंगी कि मेरा कर्तव्य केवल देश के लिए खेलना है। अवार्ड मिलना या किसी तरह का सम्मान मिलने जैसी चीजें मुझे प्रोत्साहित करती हैं, लेकिन ये मेरे लक्ष्य नहीं हैं।”
मनु भाकर ने खुद ने मानी गलती
अगस्त में हुए Paris Olympics 2024 में भारत को दो मेडल दिलाने वाली स्टार शूटर मनु भाकर ने यह कहा है कि, शायद नॉमिनेशन करते समय उन्हीं से कहीं गलती हो गई होगी जिसमें फिर सुधार कर दिया गया था। अवॉर्ड मिले या नहीं, यह दूसरी बात है पर मेरा मकसद ये ही है कि प्रतिबद्ध होकर देश के लिए अधिक मेडल जीतने को कोशिश करती रहूंगी। मैं आप सबसे आग्रह करती हूं कि इस मामले पर अलग-अलग तरह के दावे ना करें।”
यह मामला तब सामने आया जब खेल रत्न अवार्ड की नॉमिनेशन लिस्ट में मनु भाकर का नाम गायब था। एक गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खुलासा किया गया है कि मनु और उनका परिवार पद्म श्री पुरस्कार के लिए आवेदन करना चाहता था, लेकिन उसकी प्रक्रिया अलग होती है।





