नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । हाल ही में पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे पूर्व कप्तान एमएस धोनी पर बड़ा आरोप लगाते दिखे। वीडियो में इरफान कहते हैं कि धोनी टीम में उन्हीं खिलाड़ियों को चुनते थे, जो उनके कमरे में हुक्का सेट करते थे।
इरफान पठान के विवादित बयान के बाद पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने प्रतिक्रिया दी है। आकाश ने इरफान के आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व कप्तान एमएस धोनी का समर्थन किया और कहा कि टीम चयन में व्यक्तिगत हितों का कोई स्थान नहीं था।
आकाश चोपड़ा ने इरफान पठान पर किया पलटवार
आकाश चोपड़ा ने इरफान पठान के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि कप्तान हमेशा सर्वश्रेष्ठ टीम का चयन करते हैं और जीतने वाली टीम बनाने पर ध्यान देते हैं, किसी व्यक्तिगत लाभ या पसंद-नापसंद का इसमें कोई स्थान नहीं है।
आकाश चोपड़ा ने स्पष्ट किया कि कप्तान के कमरे में क्या होता है या कौन क्या करता है, इससे टीम चयन प्रभावित नहीं होता। कप्तान का लक्ष्य हमेशा एक ऐसी टीम चुनना होता है जो जीत सके, न कि व्यक्तिगत पसंद या किसी की गतिविधियों पर ध्यान देना।
इन खिलाडि़यों को ही जगह मिलती है- आकाश चोपड़ा
आकाश चोपड़ा ने कहा कि कप्तान टीम चयन में व्यक्तिगत पसंद से नहीं बल्कि प्रदर्शन के आधार पर निर्णय लेते हैं। यदि कोई खिलाड़ी दबाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं करता, तो उसे टीम में नहीं चुना जाता, जबकि दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को ही टीम में जगह मिलती है।
इस आधार पर होता है टीम का चयन
आकाश चोपड़ा ने कहा कि कप्तान या कोच अक्सर अपने पसंद के खिलाड़ियों को ज्यादा मौके देते हैं क्योंकि वे उनके साथ अधिक समय बिताते हैं। यह पक्षपात नहीं बल्कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन और समझ के आधार पर टीम चयन का सामान्य नियम है।
इरफान ने धोनी पर लगाए थे गंभीर आरोप
बता दें कि, इरफान पठान ने एक इंटरव्यू में कहा कि 2008 में ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान धोनी ने उनके प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी, लेकिन बाद में बातचीत में धोनी ने स्पष्ट किया कि सब कुछ योजना के मुताबिक था। इरफान ने खुद उनसे इस बारे में बात की थी।
इरफान पठान ने टीम इंडिया से ड्रॉप होने पर कहा कि उन्हें किसी के कमरे में हुक्का लगाने जैसी आदतों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि खिलाड़ियों का काम सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन करना होता है, और वे केवल इसी पर ध्यान देते थे।





