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Friday, March 20, 2026
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Muttaiah Murlidharan: चकिंग के आरोप ने लगा दिया था करियर पर धब्बा, ICC की हरी झंडी के बाद झटके 800 विकेट

श्रीलंकाई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने 1992 में आज ही के दिन टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा था। मुरलीधरन ने अपने क्रिकेट करियर में 800 विकेट लेने का किर्तिमान अपने नाम किया।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज से 32 साल पहले क्रिकेट ने कुछ चुनिंदा सितारों में से एक सितारे ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने अपने क्रिकेट के शुरुआती दिनों में जरूर संघर्ष किया था लेकिन आज के समय में वह लाखों करोड़ों लोगों के प्रेरणाश्रोत हैं। कोई भी युवा खिलाड़ी जब स्पिन गेंदबाजी बनने का सपना देखता है तो एक न एक बार उनके मन में मुरलीधरन जैसा बनने का ख्याल जरूर आता है। 20 साल के मुरलीधरन ने जब क्रिकेट की शुरुआत की थी तो उन्हें बहुत बाधाओं को पार करना पड़ा था। इंटरनेशनल क्रिकेट में आने के बाद उन पर चकिंग का आरोप लगाकर गेंदबाजी करने से रोक दिया गया था। हालांकि बाद में यह आरोप ICC की तरफ से जांच करने पर गलत साबित हुआ।

28 अगस्त 1992 में किया था डेब्यू

मुरलीधरन ने 28 अगस्त 1992 को टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने अपना डेब्यू मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। इस मुकाबले में उन्होंने क्रेग मैकडरमोट, टॉम मूडी और मॉर्क वॉ समेत तीन विकेट लिए थे और उनकी फिरकी गेंदबाजी की धार देखकर इसी मौके पर तय हो गया था कि यह कोई सामान्य गेंदबाज नहीं हैं। अपने डेब्यू से लेकर अपने संन्यास तक मुरलीधरन नें 44039 गेंद फेंकी हैं। डेब्यू करते हुए खुद मुरलीधरन ने भी नहीं सोचा होगा कि वह 800 विकेट के कीर्तिमान तक पहुंच जाएंगे।

विवादित एक्शन के चलते गेंदबाजी से रोक दिया गया था

अपने टेस्ट डेब्यू के ठीक तीन दिन के बाद मुरलीधरन को गेंदबाजा से रोक दिया गया था। दरअसल, 1995 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मुरलीधरन का एक्शन विवादों में आ गया था। उनपर चकिंग के आरोप लगाकर गेंदबाजी से रोक दिया गया था। हुआ ऐसा था कि, मेलबर्न टेस्ट के दौरान अंपायर ने उनकी लगातार 7 गेंदों को नो बॉल करार दिया था। उनकी बार-बार की गई गलती पर श्रीलंकाई कप्तान अर्जुना राणातुंगा नाराज हो गए। उन्होंने मैच छोड़ने की धमकी तक दे दी थी।

इस घटना के तीन साल बाद उन पर फिर यही आरोप लगा कि उनका हाथ 15 डिग्री की तय सीमा से ज्यादा घूम रहा है। हालांकि, यह आरोप ज्यादा देर तक न टिक पाया और जल्द ही वे आरोपमुक्त हो गए।

करियर की आखिरी गेंद रही यादगार

ऐसा अक्सर कम देखा जाता है कि जितनी शानदार शुरुआत हो उतना ही शानदार समापन भी हो, लेकिन मुरलीधरन इस मामलें में खुशकिस्मत थे। उनके करियर की आखिरी गेंद पर भी उन्हें विकेट मिला था। 2010 में भारत और श्रीलंका के बीच 18 जुलाई से 22 जुलाई के बीच मैच खेला जा रहा था। मुरलीधरन अपने करियर की आखिरी गेंद डालने आए और सामने क्रीज पर प्रज्ञान ओझा थे। यह मैच श्रीलंका जीत गया और मुरलीधरन का आखिरी शिकार प्रज्ञान ओझा बनें।

मुरलीधरन के उल्लेखनीय रिकार्ड्स

मुरलीधरन ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया तो विश्व कप में उनके नाम 40 मैच में 68 विकेट थे। मुरलीधरन के ज्यादा विकेट केवल ग्लेन मैक्ग्रा के नाम दर्ज हैं। उनके नाम 71 विकेट हैं। इसके बाद विश्व कप में भारत के हाथों हारने के बाद उन्होंने संन्यास का ऐलान कर दिया था। 1998 में इंग्लैंड के खिलाफ मुरलीधरन के नाम सबसे ज्यादा गेंदबाजी करने का रिकार्ड दर्ज है। उन्होंने इस मैच में 113.5 ओवर गेंदबाजी की थी। 1962 के बाद यह पहला मौका था जब किसी गेंदबाज ने इतनी गेंदबाजी की हो। मुरलीधरन के नाम 133 टेस्ट में 800 विकेट का किर्तिमान दर्ज है। उन्होंने 67 बार पांच विकेट लिए थे।

वनडे इतिहास भी शानदार रहा

मुरलीधरन ने 12 अगस्त 1993 को वनडे में भारत के खिलाफ डेब्यू किया था। उस मुकाबले में उनका पहला शिकार प्रवीण आमरे रहे। 27 अक्टूबर 2000 को शारजाह में मुरलीधरन ने भारत के खिलाफ 30 रन देकर 7 विकेट लिए, जो उस समय एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़े थे।

मुरलीधरन का IPL करियर

2008 में मुरलीधरन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल में खेले थे, जबकि 2011 में उन्हें कोच्चि टस्कर्स केरला ने उन्हें अपने खेमें में शामिल कर लिया था। 2012 में वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की जर्सी में नजर आए थे। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के साथ उनका सफर 2014 तक जारी रहा। 2015 में उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद ने अपना गेंदबाजी कोच नियुक्त किया था।

मुरलीधरन का प्रारंभिक जीवन

मुरलीधरन का जन्म 17 अप्रैल 1972 को श्रीलंका के एक हिंदू परिवार में हुआ था। उनके पिता सिन्नासामी मुथैया एक सफल बिस्किट बनाने का व्यवसाय चलाते हैं। उनके दादा दक्षिण भारत से श्रीलंका आ गए थे लेकिन मुरलीधरन और उनके पिता भी उनके साथ रहें। जब वे नौ साल के थे, तब मुरलीधरन को कैंडी के सेंट एंथोनी कॉलेज में भेजा गया, जो बेनेडिक्टिन भिक्षुओं द्वारा संचालित एक निजी स्कूल था । उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत एक मध्यम गति के गेंदबाज के रूप में की थी, लेकिन अपने स्कूल के कोच सुनील फर्नांडो की सलाह पर, उन्होंने चौदह साल की उम्र में ऑफ-स्पिन खेलना शुरू कर दिया।

मुरलीधरन पर बॉयोपिक भी बन चुकी है

श्रीलंका के मशहूर स्पिन गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन पर बॉयोपिक भी बन चुकी है। 800 द फिल्म नाम से बनी फिल्म में स्लमडॉग मिलेनियर फेम एक्टर मधुर मित्तल ने मुरलीधरन का किरदार निभाया था। इस फिल्म को श्रीपति ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म का ट्रेलर सचिन तेंदुलकर और जयसूर्या ने लॉन्च किया था। आपको बता दें, ‘800 द फिल्म’ के निर्देशक एम एस श्रीपति, मुरलीधरन की पत्नी के बचपन के दोस्त हैं. जब वो मुरलीधर की पत्नी से मिलने उनके घर गए थे, तब उन्होंने मुरलीधरन के जीवन पर इस फिल्म को बनाने की बात कही थी। इस फिल्म को बनाने के लिए एम एस श्रीपति ने काफी गहरी रिसर्च की है. फिल्म में मुथैया मुरलीधरन के निजी जीवन पर कोई भी मनगढ़ंत कहानी नहीं गढ़ी गई है।

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